पंजाब का विरासती खेल ‘गतका’ अब स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआई) के खेल कैलेंडर में शामिल हो गया है। गतका को राष्ट्रीय स्कूली खेलों का हिस्सा बनाए जाने पर विश्व गतका फेडरेशन के अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य सुखदेव सिंह ढींढसा, एशियन गतका फेडरेशन के अध्यक्ष एसपी सिंह ओबरॉय और गतका फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष हरचरन सिंह भुल्लर व महासचिव हरजीत सिंह ग्रेवाल ने खुशी का इजहार किया है।
सोमवार को जारी एक संयुक्त बयान में उन्होंने पंजाब सरकार और शिक्षा विभाग का आभार जताते हुए कहा कि इस पुरातन खेल को राष्ट्रीय मान्यता मिलने से जहां इसका दायरा बढ़ेगा, वहीं लंबे समय से इंतजार में बैठे गतका खिलाड़ियों को अन्य स्थापित खेलों के खिलाड़ियों की तरह सुविधाएं मिलनी भी शुरू हो जाएंगी।
उन्होंने कहा कि समय की जरूरत है कि प्रत्येक परिवार अपने बच्चों, विशेषत: लड़कियों को आत्मरक्षा के इस खेल के प्रति प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि गतका के अंतर विश्वविद्यालय स्तर पर भी मुकाबले शुरू हो चुके हैं। पंजाबी विश्वविद्यालय पटियाला द्वारा विश्व गतका फेडरेशन के साथ हुए, एमओयू के तहत एक वर्ष का कोर्स ‘डिप्लोमा इन गतका ट्रेनिंग’ भी शुरू कर दिया है।
उन्होंने कहा कि देश के गौरवमयी खेल गतका को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के अन्य खेलों की तरह प्रसिद्धि दिलाई जाएगी, ताकि गतका खिलाड़ी भी अन्य खिलाड़ियों की तरह अधिकार और मान-सम्मान हासिल कर सकें।
पंजाब गतका एसोसिएशन के संरक्षक ज्ञानी रंजीत सिंह पटियाला और उपाध्यक्ष मंजीत सिंह गतका मास्टर ने इस उपलब्धि के लिए ढींढसा का आभार जताते हुए कहा कि अब गतका खिलाड़ियों की दशकों पुरानी मांग की पूर्ति हुई है।
उन्होंने बताया कि गतका फेडरेशन द्वारा इस माह गतका नियमावली-2014 का संशोधित रूप अंग्रेजी, पंजाबी और हिंदी भाषाओं में रिलीज़ किया जाएगा। वही, शिक्षा विभाग पंजाब के उपनिदेशक खेल सरबजीत सिंह तूर के नेतृत्व में भारत के सभी राज्यों को इस खेल संबंधी पूर्ण जानकारी देने के लिए आगामी 26 से 29 मई तक पंजाब कृषि विश्वविद्यालय लुधियाना में प्रथम राष्ट्रीय स्तरीय गतका प्रशिक्षण शिविर लगाया जाएगा।