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अपने हक को तरस रही देहरादून की हॉकी

Wed, 16 Jul 2014 11:22 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
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कहने को तो हॉकी को राष्ट्रीय खेल का दर्जा हासिल है, लेकिन देहरादून जिले में इसकी बेकदरी किसी से छिपी नहीं है।
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सरकारी स्कूलों में हॉकी की बेकदरी
सरकारी स्कूलों में तो यह दिखाई भी नहीं देती। इसका ताजा उदाहरण है नेहरू कप हॉकी टूर्नामेंट, जिसकी जिला स्तरीय प्रतियोगिता में सिर्फ बालिका टीमें पहुंच पाईं, जबकि बालक वर्ग में एक भी स्कूल ने हिस्सा नहीं लिया।

महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में 21 और 22 जुलाई को राज्य स्तरीय नेहरू कप हॉकी प्रतियोगिता होनी है। मगर इसमें कितने जिलों की टीम पहुंचेंगी, इस पर संशय कायम है।
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इसी बात से स्कूली स्तर पर राष्ट्रीय खेल के प्रति उदासीनता और नकारात्मकता का साफ पता चल जाता है।

जानकारी के अनुसार राज्य स्तरीय प्रतियोगिता से पहले 12 और 13 जुलाई को एमकेपी इंटर कॉलेज के मैदान में जिला स्तरीय प्रतियोगिता कराई गई।

बालिका वर्ग में मेजबान एमकेपी इंटर कॉलेज और राजकीय कन्या इंटर कालेज राजपुर रोड और सीएनआई गर्ल्स इंटर कॉलेज की टीम ने पहुंचकर आयोजकों की नाक बचा ली।

खुद उठाना पड़ता है प्रतियोगिता में खर्च
मगर मैनेजर न होने से सीएनआई नहीं खेल पाई। बालक वर्ग में आयोजक जिले के करीब 160 स्कूलों में एक भी टीम खड़ी नहीं कर सके।

हाल यह है कि राज्य स्तरीय नेहरू कप हॉकी प्रतियोगिता की मेजबानी कर रहे देहरादून जिले के पास खुद की भी टीम नहीं है। वहीं, जिला स्तरीय सुब्रतो कप फुटबॉल प्रतियोगिता में भी तीन टीमें ही पहुंची थीं।
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टीमों के न आने के सवाल पर शिक्षा विभाग की खेल को-ऑर्डिनेटर जया नौटियाल कहती हैं, स्कूलों में आठवीं तक खेल फीस नहीं ली जाती, ऐसे में स्कूल को राज्य स्तर तक प्रतियोगिता में खर्च खुद उठाना पड़ता है। इस कारण टीमें कम आती हैं।

(नोटः इस खबर से संबंधित किसी भी सुझाव या सवाल के लिए मेल आईडी-anshulk@ddn.amarujala.com और इस नंबर- 8392946708 पर संपर्क कर सकते हैं।)
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