यह सवाल हर किसी के जेहन में है कि लोकसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के बेहद करीब अमित शाह की भूमिका क्या होगी।
हर कोई अपने-अपने हिसाब से आकलन कर रहा है। किसी के अनुसार वह गुजरात के मुख्यमंत्री बनेंगे तो किसी के अनुसार वह प्रधानमंत्री कार्यालय में नरेंद्र मोदी का सहयोग करेंगे।
किसी के अनुसार वह अपने पार्टी के लिए तीन साल बाद होने वाले विधानसभा चुनाव में फिर से उत्तर प्रदेश की कमान संभाल सकते हैं। लेकिन बावजूद इसके एक बड़ी खबर यह आ रही है कि वह क्रिकेट में अपनी दखल देंगे।
अमित शाह संभालेंगे बीसीसीआई में बड़ा ओहदा
विवादित नेता अमित शाह नरेंद्र मोदी के लिए पिछले कई महीनों से उत्तर प्रदेश में डेरा डाले हुए थे और अब एक महीने से ज्यादा चले चुनावी प्रक्रिया के बाद उनकी भूमिका के लिए कयास भी लगने शुरू हो गए हैं।
अब खबर यह है कि भाजपा का यह कद्दावर नेता देश के सबसे लोकप्रिय और कमाऊ खेल क्रिकेट में अपनी दखल देने जा रहे हैं। अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, अमित शाह जल्द ही बीसीसीआई से जुड़ेंगे।
फिलहाल वह भाजपा में महासचिव होने के अलावा गुजरात क्रिकेट संघ (जीसीए) के उपाध्यक्ष भी हैं। माना जा रहा है कि वह भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पश्चिम क्षेत्र से आने वाले रवि सावंत को हटाकर बोर्ड के उपाध्यक्ष बन सकते हैं।
सितंबर में हो सकता है फैसला
अमित शाह के भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से जुड़ने के बारे में फैसला सितंबर में हो सकता है क्योंकि उस समय ही बोर्ड की सलाना आम बैठक होनी है।
अखबार ने गुजरात क्रिकेट संघ के संयुक्त सचिव राजेश पटेल के हवाले से लिखा है कि शाह बीसीसीआई में उपाध्यक्ष पद के लिए योग्य हैं। उन्होंने बीसीसीआई की वार्षिक आम बैठक में दो बार हिस्सा लिया है।
पटेल ने कहा, "अगर मोदी देश के प्रधानमंत्री बनते हैं तो यह जीसीए में हमारे लिए महान और गौरवशाली क्षण होगा। हम उन्हें बोर्ड में स्पेशल भूमिका देना चाहेंगे।"
बीसीसीआई में शाह के विरोध की संभावना नहीं
दूसरी ओर, बीसीसीआई के एक अधिकारी का कहना है कि अमित शाह के लिए बोर्ड में उपाध्यक्ष पद हासिल करना महज एक औपचारिकता ही रह गया है। उनके विरोध की कोई संभावना नहीं है। मोदी के सत्ता में आने के बाद वह बहुत ताकतवर भूमिका में होंगे।
नरेंद्र मोदी और अमित शाह के चुनाव में व्यस्त होने की वजह से उनके 27 साल के बेटे जय शाह ने जीसीए की कमान संभाला था। जय शाह जीसीए में संयुक्त सचिव के पद पर हैं।
लोकसभा चुनाव का परिणाम शुक्रवार 16 मई को आने हैं और सभी की नजर इस पर है कि देश के अगले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी होंगे या कोई और।