विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक अशोक सिंघल ने कहा कि अयोध्या में राममंदिर का निर्माण देश के संविधान के तहत होगा। संविधान के तहत ही भारत के उत्थान के लिए अन्य कार्य भी किए जाएंगे।
दावा किया कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन सिर्फ मंदिर के लिए नहीं था, आज देश में जो सरकार बनने जा रही है, वह उसी आंदोलन का परिणाम है।
सिंघल गुरुवार को गोरक्षनाथ मंदिर में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।
मंदिर आंदोलन से हुआ राजनीतिक परिवर्तन
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के अतीत की तरफ इशारा करते हुए कहा कि कभी दो सीटों वाली पार्टी श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के कारण ही दो सौ सीटों के करीब पहुंच रही है। मंदिर आंदोलन से राजनीतिक परिवर्तन हुआ है।
सिंघल ने कहा कि देश मुश्किल दौर से गुजर रहा था। माओवादी और जेहादी ताकतों की वजह से देश में चारो तरफ अराजकता का माहौल है। जिसको खत्म करने के उपाय होने चाहिए। यह प्रयास होना चाहिए कि हिंसक ताकतें देश में शांतिपूर्वक रहें।
उनका मानना है कि मोदी के आने से देश में परिवर्तन आएगा। लोगों को महसूस होगा कि देश में सुशासन है।
वाजपेयी जी इसलिए नहीं बना पाए मंदिर?
उन्होंने कहा कि अटलबिहारी वाजपेयी की सरकार में मंदिर निर्माण का कार्य इसलिए आगे नहीं बढ़ पाया कि वह सरकार सेक्यूलर दलों के सहारे चल रही थी। कहा कि वाजपेयी जी कहते थे कि हमें 272 सांसद जिता कर दो, हम मंदिर का निर्माण कराएंगे।
अटल सरकार ने जिन मुद्दों को छोड़ दिया था, भाजपा नेता नरेंद्र मोदी ने चुनाव अभियान में उठाया। चाहे धारा 370 हो या कश्मीरी विस्थापितों का मुद्दा, चुनाव के दौरान उठाया गया। सबकी इच्छा है कि मोदी देश की बागडोर संभालें।
उसी का परिणाम रहा कि उनके नाम की सुनामी देश में चली। उन्होंने कहा कि अब तक देश में कमजोर सरकारों के कारण दुनिया के प्रमुख देश हमें महाशक्ति नहीं मानते थे। मोदी के नेतृत्व में भारत महाशक्ति का दर्जा हासिल करेगा।