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सावधान: खाने को प्लास्टिक में पैक करने से हो सकता है कैंसर

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अक्सर खाने को गर्म और ताजा रखने के लिए पतली प्लास्टिक फोएल (क्लिंज फिल्म) का उपयोग किया जाता है। बच्चों के पसंदीदा लंच बॉक्स भी प्लास्टिक के ही होते हैं। हालांकि विशेषज्ञ प्लास्टिक को खाने से दूर रखने की सलाह देते हैं।
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खासकर तब जब भोजन को गर्म कर रहे हों या फिर वह गर्म हो। विशेषज्ञों के मुताबिक गर्म खाने को प्लास्टिक में बंद करने से या फिर प्लास्टिक के टिफिन में रखने से दूषित केमिकल खाने में चले जाते हैं।

इससे कैंसर और भ्रूण के विकास में बाधा आने समेत कई बीमारियों के होने का खतरा बढ़ जाता है। पिछले साल आई दो रिपोर्टों के मुताबिक प्लास्टिक बोतल, लंच बॉक्स और क्लिंज फिल्म में 175 से भी ज्यादा दूषित घटक होते हैं, जो खाने के जरिये शरीर में जाकर बीमार करने के लिए जिम्मेदार हैं।
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ब्रिटेन में कैंसर संस्थान खाने को पैक करने और गर्म रखने के लिए उपयोग किए जाने वाले प्लास्टिक उत्पादों का उपयोग बंद करने की सलाह देने लगे हैं।

अधिकतर प्लास्टिक उत्पादों में बीपीए और पीवीसी केमिकल की मात्रा अधिक पाई जाती है। हालांकि कुछ सावधानी बरतकर बीमारियों से बचा जा सकता है।
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सीमित समय के लिए ही करें उपयोग

पानी की प्लास्टिक बोतल हो या लंच बॉक्स अथवा अन्य कोई प्लास्टिक कंटेनर इन्हें सीमित समय के लिए उपयोग करना ही बेहतर होता है।

बहुत उपयोग हो जाने के बाद इनमें मौजूद बीपीए केमिकल खाने में जाने लगते हैं। साथ ही गर्म खाने को न ही प्लास्टिक लंच बॉक्स में रखें और न ही गर्म रहने तक इसे प्लास्टिक से पैक करें।

इससे प्लास्टिक के केमिकल खाने में जाने का खतरा कम होता है। माइक्रोवेव में भी खाना गर्म करते हुए प्लास्टिक का उपयोग करने से बचना चाहिए।

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