चलते-चलते जरूरी मेल टेक्स्ट तकना, खाना खाते हुए फोन पर बात करना या टीवी देखते-देखते कंप्यूटर पर काम करना और कोई फोन आ गया तो उसी दौरान बातें भी कर लेना, आपके रुटीन से मिलता-जुलता ही है न ये सब?
जमाने के साथ कदम मिलाने की होड़ में मल्टीटास्किंग यानी एक समय पर कई काम आज हमारे रुटीन का इस तरह हिस्सा बन चुका है कि इसकी कीमत की कसौटी आपकी सेहत भी हो सकती है।
अगर आप भी दिन में न जाने कितनी बार मल्टीटास्किंग से अपने बहुतेरे काम निपटाते हैं तो जानिए ऐसी सात वजहों के बारे में जिन्हें जानने के बाद आप मल्टीटास्किंग से परहेज करेंगे।
1. काम करने की गति धीमी हो जाती है
अगर आप यह सोचते हैं कि एक साथ कई काम करने की कला आपका समय बचाएगी तो यह आपकी गफलत है। उटाह विश्वविद्यालय के शोध में पाया गया है कि एक साथ कई काम करने के दौरान किसी एक पर पूरा फोकस नहीं होता, इसलिए हर काम को करने में समय अधिक लगता है। वहीं अगर बारी-बारी एक-एक काम निपटाया जाए तो काम करने की गति बढ़ जाती है।
2. तनाव बढ़ता है
कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में पाया कि एक साथ काम करने के दौरान दिल की धड़कनों की गति अधिक तेज रहती है जिससे तनाव बढ़ जाता है और बहुत अधिक मल्टीटास्किंग करने वाले लोग अक्सर तनावग्रस्त होते हैं।
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3. याददाश्त कमजोर होती है
यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया सैन फ्रांसिस्को के शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन के आधार पर माना है कि एक समय पर की काम करने से याददाश्त पर गलत असर पड़ता है और हम चीजों को अधिक भूलते हैं। इतना ही नहीं, उम्र बढ़ने के साथ-साथ याददाश्त से जुड़ी बीमारियों के रिस्क भी बढ़ सकते हैं।
4. अधिक होती हैं गलतियां
फ्रांस में हुए एक अध्ययन के मुताबिक एक साथ कई काम करने वाले लोग अपने काम में अधिक गलतियां करते हैं क्योंकि इससे उनका फोकस दो या अधिक जगहों पर लगता है।
5. संबंधों के लिए ठीक नहीं
यूनिवर्सिटी ऑफ एसेक्स के एक शोध में माना गया है कि जो लोग एक साथ कई काम निपटाते हैं वे अपने रिश्तों पर पूरा ध्यान नहीं दे पाते हैं और ऐसे लोगों का वैवाहिक जीवन खुशहाल नहीं रहता है।
6. बढ़ सकता है वजन
अगर आप टीवी देखते हुए खाना खाते हैं या खाते वक्त भी कंप्यूटर पर लगे रहते हैं तो हो सकता है यह आपके लगातार बढ़ते वजन की वजह हो। करीब 24 अध्ययनों में यह अब तक साबित हो चुका है।
7. रचनात्मकता खत्म होती है
शिकागो की इलिनोइस यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का मानना है कि मल्टीटास्किंग के दौरान लोगों की रचनात्मकता कम होती है। चूंकि मस्तिष्क एक साथ कई कामों को करने के बदाव में होता है इसलिए किसी भी क्रिएटिव काम को करने में दिक्कत होती है।