मानसून एक्सप्रेस की तेजी ने इस बार सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए।
रविवार को मानसूनी मेघों ने न केवल दिल्ली-एनसीआर को बौछारों से सराबोर कर दिया, बल्कि बादलों की इस चादर में पूरा देश भी एक महीने पहले ही ढंक गया।
आम तौर पर मानसून 15 जुलाई तक पूरे देश को कवर कर पाता है।
एक नजरः
--14 दिन पहले दिल्ली पहुंचा मानसून।
--29 जून है मानसून के दिल्ली पहुंचने की सामान्य तिथि।
--1 जून को मानसून पहुंचा था केरल, लेकिन इसके बाद तेजी से आगे बढ़ते हुए देश भर में छाए मानसूनी मेघ।
--15 जुलाई तक ही आम तौर पर पूरे देश में पहुंच पाता है मानसून।
--देश का दो-तिहाई हिस्सा तो शुक्रवार तक ही ढंक लिया था मानसूनी बादलों ने।
--101 फीसदी बारिश का पूर्वानुमान है जुलाई में।
--96 फीसदी बरसात होने के आसार हैं अगस्त में।
--43 फीसदी अधिक बारिश हो चुकी है देश में 15 जून तक (मानसून के 1 जून को केरल में दस्तक देने के बाद से)।
--उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, गोवा, हिमाचल, कोंकण, विदर्भ, केरल और मध्य प्रदेश के ऊपर छाए हैं घने बादल।
--अगले तीन दिनों में देशभर में जोरदार बारिश के आसार।