अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (आप) का सदस्य बनने के कारण यूजीसी के सदस्य योगेन्द्र यादव को पद से हटाने पर फैसला टल गया है।
योगेन्द्र यादव को यूजीसी से चलता करने के लिए मंत्रालय कुछ और पुख्ता सबूत जुटाने का प्रयास कर रहा है ताकि फैसले को अदालत चुनौती दिए जाने पर कोई दिक्कत न खड़ी हो।
गौरतलब है कि मानव संसाधन मंत्रालय के संयुक्त सचिव आरपी सिसौदिया ने योगेन्द्र यादव को चार सितंबर को नोटिस भेजकर आप पार्टी में सक्रिय भागीदारी के चलते एक हफ्ते में जवाब देने को कहा था।
योगेन्द्र यादव ने हालांकि एक हफ्ते पहले सीधे मानव संसाधन विकास मंत्री पल्लम राजू को भेजे पत्र में अपना पक्ष रखा था। इस पत्र से लगता है कि उन्होंने पद से इस्तीफा नहीं दिया है।
पत्र की भाषा से स्पष्ट है कि वह राजनैतिक दल में होने के कारण यूजीसी सदस्य पद से इस्तीफा नहीं देंगे। वह मंत्रालय के नोटिस को ही अवैध और अनैतिक बता चुके हैं।
यादव के पत्र मिलने के बाद मंत्रालय के अधिकारियों ने मंगलवार को पल्लम राजू के साथ एक बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की। बैठक में यादव को तत्काल यूजीसी से हटाने के संबंध में कोई फैसला नहीं लिया जा सका है।
योगेन्द्र यादव को राजनैतिक गतिविधियों में शामिल होने के अलावा हटाने के लिए कुछ और ठोस कारण ढूंढ़ने के लिए अधिकारियों से कहा गया है।
यूजीसी एक्ट में कहीं भी किसी सदस्य की अयोग्यता अथवा हटाने के कारणों में राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने का जिक्र नहीं है।