हरियाणा के कुरुक्षेत्र में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को कार्यशाला के दूसरे दिन रेडियो का महत्व जाना। आकाशवाणी पटियाला के प्रभारी अमरजीत सिंह बडैच ने प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए सहायक सूचना एंव जनसंपर्क अधिकारियों को बताया कि आज रेडियो का जादू पूरी तरह से कायम है। देहात के लोग समय-समय पर रेडियो प्रसारण सुनना नहीं भूलते।
एक जमाना था जब रेडियो ही खबर सुनने के साथ-साथ मनोरंजन का मुख्य साधन हुआ करता था। क्षेत्रिय भाषाओं में आज भी रेडियो का महत्व कम नहीं हुआ हैं। स्कीमों और नीतियों के प्रचार और प्रसार में रेडियो अच्छी भूमिका अदा कर रहा है। आकाशवाणी केंद्र दिन में कई बार खबरों का प्रसारण करते हैं साथ ही मनोरंजन विज्ञापन लघु नाटिकाएं इत्यादि कार्यक्रम भी चलते रहते हैं।
कार्यशाला में चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी सिरसा से आए असिस्टेंट प्रोफेसर अमित सांगवान ने अधिकारियों को सरकार की नीतियों को बेहतर तरीके से प्रचारित करने के गुर सिखाए। सरकार की नीतियों की प्रतिक्रिया कैसे दी जाए, देहात, कस्बों और शहरों में प्रचार का मापदंड क्या हो, साहित्य वितरण किन लोगों के बीच किया जाए, रात्रि के समय प्रचार कैसे होना चाहिए, मंच संचालन, लेख, आलेख, सफलता की कहानियां बनाते समय किन पहलुओं का ध्यान रखा जाए, इत्यादि विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
साथ ही विभाग के अधिकारियों के साथ अनुभव भी सांझा किए और उनसे बेहतर प्रचार व प्रसार करने बारे सुझाव भी मांगे। बाद दोपहर के सेशन में युवा एवं सांस्कृतिक कार्य कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय विभाग के निदेशक अनूप लाठर ने मंच संचालन इत्यादि विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
मुख्य अतिथि के आगमन से पहले और बाद में तथा मुख्य मेहमानों की उपस्थिति में मंच का संचालन कैसे किया जाए, सांस्कृतिक कार्यक्रम कब करवाए जाएं और यदि कार्यक्रम को मुख्य अतिथि की सहमति से छोटा किया जाए, उस स्थिति में मंच संचालक को क्या करना चाहिए, इत्यादि विषयों बारे जानकारी दी। फेकलिटी लॉज में कार्यशाला के आयोजन के दूसरे दिन जन संचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान के सहायक प्रोफेसर आबिद अली ने भी मंच संचालन तथा भारी भीड़ के सामने मंच संचालन की बारीकियों बारे जानकारी दी।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राकेश कुमार ने कंप्यूटर, साइंस, पब्लिक रिलेशन, मीडिया की भूमिका इत्यादि विषयों पर विभाग के अधिकारियों की नब्ज टटोली तथा अपने अनुभव सांझा किए। इस मौके पर जन संचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक एसएस बूरा, सेवा निवृत्त डीआईपीआरओ देवराज सिरोहीवाल, प्रो. बिंदु शर्मा, डॉ. मधु, प्रो. अशोक, प्रो. रोमा सहित कई विद्यार्थी भी उपस्थित रहे।