उत्तर प्रदेश से भारतीय जनता पार्टी के सांसद साक्षी महाराज का ये बयान देना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि 'सभी मदरसे आतंकवाद फैला रहे हैं'। किसी भी मदरसे के खिलाफ बिना किसी प्रमाण के इस तरह की बात करना, नफरत फैलाने का बहुत दुर्भाग्यपूर्ण तरीका है।
इसे भले ही चुनाव में भुना लिया जाए लेकिन देश और समाज का क्या होगा इसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने इन सब चीजों को कई बार बंद करने की बात की है लेकिन जब इस तरह की कोई बात होती है तो उनकी चुप्पी से यह लगता है कि क्या स्थिति उनके नियंत्रण में नहीं है? भाजपा के सांसद उनके नियंत्रण में नहीं हैं या ये दोहरी राजनीति का हिस्सा है?
इस दोहरी राजनीति के तहत प्रधानमंत्री एक व्यापक दृष्टिकोण की बात करेंगे और बाकी लोग पार्टी के लिए चुनाव के मद्देनजर ध्रुवीकरण करेंगे।
देश के लोग इन बयानों पर प्रधानमंत्री मोदी की राय जानना चाहेंगे। क्या वे भी इन बयानों से सहमत हैं? कहीं न कहीं प्रधानमंत्री को अपनी चुप्पी तोड़नी पड़ेगी।