दिल्ली गैंगरेप के मुख्य आरोपी राम सिंह की कथित आत्महत्या के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। गैंगरेप मामले में राम सिंह सहित पांच अन्य आरोपियों पर हत्या, गैंगरेप, हत्या की कोशिश, अपहरण, अप्राकृतिक अपराध, डकैती, सबूत नष्ट करना, आपराधिक षड्यंत्र और सामूहिक अपराध के आरोप लगाए गए थे।
राम सिंह के अलावा इस मामले में चार अन्य आरोपी मुकेश सिंह, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर हैं। मामले में एक अन्य आरोपी नाबालिग है, जिसका मुकदमा जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में चल रहा है।
पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट में बताया था कि वारदात की रात राम सिंह ने पीड़िता के साथ दो बार दुष्कर्म किया था।
जिस बस में पीड़िता के साथ दुष्कर्म हुआ, राम सिंह उस बस को चला रहा था। ये एक चार्टर्ड बस थी और इसे सड़क पर आम सवारियां बैठाने की परमिशन नहीं थी। पुलिस ने बस को भी इपाउंड कर लिया था और बस मालिक दिनेश यादव को भी गिरफ्तार कर लिया था।
16 दिसंबर की रात वारदात में इस्तेमाल हुई बस का पहले भी 8 बार चालान हो चुका था और ये 6 बार इंपाउंड भी हो चुकी थी। पुलिस ने इन मामलों में राम सिंह को पकड़ा भी था। हालांकि दिनेश यादव और राम सिंह हर बार मामूली जुर्माना भर कर बस छुड़ाने में कामयाब रहे थे।
रेप के बाद की थी जान से मारने की कोशिश
रेप के बाद राम सिंह व अन्य अरोपियों ने पीड़िता व उसके मित्र को मृत समझकर बस से नीचे फेंक दिया था। उन्होंने पीड़ित छात्रा को बस के पिछले पहिए से कुचलने की कोशिश भी की।
हालांकि पीड़िता के मित्र ने अंतिम वक्त में उसे पहिए से दूर खींचकर उसे कुचलने से बचा लिया था।
राम सिंह के घर फोड़ा गया था सुतली बम
रामसिंह के आरके पुरम स्थित घर पर 31 दिसंबर की रात सुतली बम भी फोड़ा गया था। पुलिस ने राजेश नाम के व्यक्ति को बम धमाका करने के आरोप में पकड़ा था।
राजेश ने बाद में कहा था कि बम फोड़ कर किसी को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता था बल्कि वह बम धमाका कर सरकार को संदेश देना चाहता था।
उसने कहा था कि सुतली बम फोड़कर वह सरकार को मैसेज देना चहाता है कि सामूहिक दुष्कर्म के आरोपियों को फांसी दी जाए।