लोकसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आता जा रहा है, सियासी दल और नेता अपने विरोधियों पर उतने ही हमलावर होते नजर आ रहे हैं। जनता को अपने पक्ष में करने के लिए सभी नेता विरोधियों को नीचा दिखाकर अपनी ताकत का एहसास करा रहे हैं।
यूपी में चुनावी रैलियों के जरिए समाजवादी पार्टी और अखिलेश सरकार पर हमलावर हो रहे भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने करारा जवाब दिया है।
अखिलेश ने मोदी सहित भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है।
शेरों को लेकर मोदी पर वार
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के खिलाफ सीधा हमला बोलते हुए कहा कि गुजरात ने यूपी को शेर दिए, मगर हमने भी चंबल में तैयार पिंजड़े में इन्हें बंद कर दिया है।
भाजपा के नेताओं को आडे़ हाथों लेते हुए अखिलेश ने कहा कहा, 'उनके नेता जितने बड़े हैं, उनके दिल उतने ही छोटे हैं।' अखिलेश सोमवार को सहारनपुर में सपा प्रत्याशी नाहिद हसन के लिए अनाज मंडी में रैली को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने सपा सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए सपा प्रत्याशी हसन के लिए वोट मांगे और मुजफ्फरनगर दंगों का जिक्र छेड़कर विपक्ष को घेरा। दंगे पर न्यायालय के फैसले पर भी उन्होंने सरकार का बचाव किया। उन्होंने सच्चर कमेटी और रंगनाथ आयोग की सिफारिशें लागू कराने का वादा किया।
'एक साल में 15 लाख लैपटॉप बांटे'
मुख्यमंत्री ने भाषण में जहां भाजपा और बसपा पर तीखे हमले किए, वहीं कांग्रेस पर नरम रहे। उन्होंने कहा, पहले चरण का चुनाव बेहद निर्णायक है। यहां के माहौल से ही प्रदेश में लहर बनेगी।
अखिलेश बोले, 'गुजरात मॉडल क्या है। अगर विकास किया तो सांप्रदायिकता का रास्ता क्यों अपनाते हैं। बसपा सरकार ने भी जनता का पैसा मूर्तियों में बर्बाद किया। सपा सरकार में एक साल में 15 लाख लैपटॉप बांटे गए, यही काम गुजरात को करने में पांच साल लगेंगे।'
अखिलेश ने कहा कि दंगों के लिए भाजपा जिम्मेदार है। जो दुख आया, उसकी भरपाई नहीं हो सकती, मगर सरकार पूरी मदद कर रही है। हमने फौज बुलाकर शहर बचाया।
न्यायालय के फैसले से सरकार का बचाव करते हुए उन्होंने कहा, 'हमने सुप्रीम कोर्ट और भारतीय मानवाधिकार आयोग के सामने भी जवाब दिया। न्यायालय भी सरकार की कार्रवाई और मदद से संतुष्ट है।'