त्रिपुरा में विधानसभा की 60 सीटों के लिए बृहस्पतिवार को सुरक्षा के कडे़ इंतजामों के बीच 93 फीसदी मतदान हुआ, जो देश में अब तक के हुए सबसे ज्यादा मतदान का एक रिकॉर्ड है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी आशुतोष जिंदल के मुताबिक, ‘त्रिपुरा में रिकॉर्ड 93 फीसदी मतदान हुए। बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों पर लोगों की भीड़ उमड़ी।’ 2008 में पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान 91.22 फीसदी मतदान हुए थे, जो पूरे देश में एक रिकार्ड था।
पूर्वोत्तर के इस राज्य के विधानसभा चुनाव में वाम मोर्चे और कांग्रेस के बीच मुख्य मुकाबला है। इस चुनावी लड़ाई में वाम मोर्चे को रिकार्ड पांचवीं बार सत्ता वापसी की उम्मीद है। केरल और पश्चिम बंगाल में सत्ता गंवाने के बाद अब वाम मोर्चे की उम्मीदें इसी राज्य से हैं।
मुख्यमंत्री माणिक सरकार, वित्त मंत्री बादल चौधरी, उच्च शिक्षा मंत्री अनिल सरकार, टीपीसीसी (त्रिपुरा प्रदेश कांग्रेस कमेटी) अध्यक्ष सुदीप रे बर्मन, पूर्व मुख्यमंत्री समीर राजन बर्मन की किस्मत चुनाव में हिस्सा ले रहे 16 पार्टियों के 249 उम्मीदवारों के साथ ईवीएम मशीन में बंद हो गई है। राज्य में मतदान के दौरान कहीं भी अप्रिय घटना की खबर नहीं है। पुलिस ने बताया कि झाड़ियों में छुपाए हुए पांच देसी बम खैरपुर विधानसभा क्षेत्र के बोधजुंगनगर से बरामद किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने रामनगर विधानसभा क्षेत्र के उमकांता स्कूल में बने पोलिंग बूथ पर अपना मत डाला। विधानसभा चुनाव में वाम मोर्चे की सबसे बड़ी सहयोगी माकपा 55 सीटों से, आरएसपी दो, भाकपा दो और फारवर्ड ब्लॉक एक सीट पर अपनी किस्मत आजमा रही है।
वहीं कांग्रेस 48 सीटों पर, जबकि इसकी सहयोगी आईएनपीटी (इंडीजीनियस नेशनलिस्ट पार्टी ऑफ त्रिपुरा) 11 सीटों और नेशनल कांफ्रेंस ऑफ त्रिपुरा एक सीट पर चुनाव लड़ रही हैं। कानून और व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की 250 कंपनियां इस काम में लगाई गईं थीं।