दंगे का दंश झेल रहा जिला अभी पूरी तरह से शांत भी नहीं हो पाया था कि मुजफ्फरनगर के शाहपुर में बुधवार को एक कबाड़ी की हत्या के बाद तनाव फैल गया। उग्र भीड़ सड़कों पर उतर आई और एक समुदाय के लोगों की दुकानों को निशाना बनाकर आगजनी और तोड़फोड़ की।
एक नेता के घर और क्लीनिक पर पथराव किया गया। रोडवेज बस में आग लगा दी गई। करीब डेढ़ घंटे बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने लाठियां फटकार कर उपद्रवियों को खदेड़ा। तनाव के मद्देनजर आला अधिकारियों ने क्षेत्र में भारी फोर्स तैनात कर दी है।
चांदपुर गांव का मूल निवासी 40 वर्षीय कबाड़ी कुछ समय से शाहपुर में रह रहा था। वह फेरी लगाकर कबाड़ का काम करता था। बुधवार की शाम वह मंसूरपुर की ओर से लौट रहा था। इसी दौरान उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई।
घटना की जानकारी मिलते ही पास के कस्सावान के लोग हथियार लेकर पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। बेकाबू भीड़ ने मुजफ्फरनगर रोड पर पहुंचकर बड़ौत डिपो की बस को रोककर तोड़फोड़ की और बाद में आग लगा दी।
गुस्साए लोगों ने एक वरिष्ठ चिकित्सक के घर और क्लीनिक पर पथराव किया। परिवार के लोग घर में बंद होकर जान बचाई। इसके बाद उग्र भीड़ ने दुकान में तोड़फोड़ की, जबकि तीन बाइकों को आग के हवाले कर दिया।
करीब डेढ़ घंटे बाद पुलिस, पीएसी और आरएएफ मौके पर पहुंची। इस बीच भीड़ ने कसबे से गुजर रहे भारत पेट्रोलियम के दो टैंकरों में आग लगाने की कोशिश की। पुलिस ने लाठियां फटकारकर भीड़ को तितर-बितर किया।
सीओ ने कबाड़ी की हत्या प्रेम-प्रसंग में होने की संभावना जताई है। डीएम कौशलराज शर्मा ने कहा कि शाहपुर के हालात नियंत्रण में हैं। कबाड़ी की हत्या के बाद भीड़ ने कुछ घरों और दुकानों को निशाना बनाया है।
कबाड़ी की हत्या किसने और क्यों की, इसकी जांच-पड़ताल की जा रही है। ऐहतियातन कसबे में फोर्स तैनात कर दी गई है।