भाजपा नेता उमा भारती को पुलिस ने मुजफ्फरनगर और मलिकपुरा नहीं जाने दिया।
इससे नाराज होकर उमा भारती गंगनहर पटरी मार्ग पर सठेड़ी पुल के पास चार घंटे तक धरने पर बैठी रहीं। अफसरों की मनुहार पर रात आठ बजे वे धरना समाप्त करके दिल्ली लौट गईं।
सांवैधानिक मर्यादाओं का वास्ता देते हुए उन्होंने गिरफ्तारी देनी चाही, मगर प्रशासन ने उनकी मनुहार करने में ही भलाई समझी और देर रात पुलिस उनको मेरठ सीमा में छोड़ आई।
इससे पहले धरनास्थल पर हुई सभा में उमा भारती ने मुजफ्फरनगर दंगों के लिए सूबे की सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
उमा भारती को मुजफ्फरनगर जाने से रोकने के लिए प्रशासन ने जिले की नाकेबंदी की थी, मगर वो गंगनहर पटरी मार्ग से होते हुए मुजफ्फरनगर और मलिकपुरा जा रही थीं।
दोपहर बाद करीब चार बजे प्रशासन ने उन्हें सठेड़ी पुल के पास रोक लिया था।
गिरफ्तारी की आलोचना
इधर भाजपा ने उमा भारती को मुजफ्फरनगर जाते समय रास्ते में गिरफ्तार किए जाने की कड़ी आलोचना की है।
प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि अखिलेश सरकार दंगों को लेकर सियासत कर रही है। इसीलिए दलगत आधार पर नेताओं को मुजफ्फरनगर जाने या न जाने देने के लिए फैसले किए जा रहे हैं।
जब राहुल गांधी मुजफ्फरनगर जा सकते है तो भाजपा नेताओं को वहां जाने से क्यों रोका जा रहा है, यह तानाशाही बंद हो।