ट्रेन से आगरा टू दिल्ली जाने वालों के लिए खुशखबरी है। अगर सबकुछ ठीक रहा तो आने वाले वक्त में इन लोगों को आगरा से दिल्ली पहुंचने में महज डेढ़ घंटे का वक्त लगेगा। अभी इस यात्रा में करीब ढा़ई घंटे का समय लग रहा है।
रेलवे प्रशासन की योजना पर गौर करें तो वो पहले चरण में ट्रेनों की रफ्तार 150 किमी प्रति घंटे से बढ़ाकर 160 किमी प्रति घंटे की है। उत्तर मध्य रेलवे की तैयारी है कि इसी साल भोपाल शताब्दी को इस सेक्शन में नई रफ्तार दे दी जाए।
तैयारियों में जुटा रेल प्रशासन
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष की अगुवाई में पिछले सप्ताह पहुंची टीम ने इसका ट्रायल भी पूरा कर लिया है। अगले चरण में 200 किमी की रफ्तार से ट्रेनों को चलाने के लिए भी रेलवे बोर्ड ने तैयारी शुरू कर दी है। रेलवे का पूरा अमला पिछले रविवार से इसमें लगा हुआ है।
इसमें बोर्ड अध्यक्ष अरुणेंद्र कुमार, सदस्य यांत्रिक आलोक जौहरी, एनसीआर महाप्रबंधक प्रदीप कुमार के साथ आरडीएसओ, आरवीएनएल और हाई स्पीड रेल कारपोरेशन के अफसर भी जुटे। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक टीम ने दिल्ली से आगरा के बीच 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनों को चलाने का ट्रायल किया।
अभी भोपाल शताब्दी की स्पीड 150 किमी/घंटा
इस ट्रायल में कुछ खामियां पाई गई हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि इन्हें दुरुस्त कर इस सेक्शन को देश की सबसे तेज ट्रेन चलाने के लिए खोल दिया जाएगा। बताते हैं कि इस कार्य के लिए शताब्दी एक्सप्रेस के कोच पूरी तरह फिट हैं। सूत्र बताते हैं कि इस सेक्शन में राजधानी एक्सप्रेस की रफ्तार बढ़ाने की भी योजना है।
एनसीआर के सीपीआरओ नवीन बाबू ने भी कहा कि 200 किमी की रफ्तार से ट्रेनों को चलाने के लिए निरीक्षण हो चुका है। अब आरडीएसओ, रेल विकास निगम और हाई स्पीड रेल कारपोरेशन मिलकर काम करेंगे लेकिन शताब्दी एक्सप्रेस को 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से इसी साल शुरू करने की योजना है। दूसरी ट्रेनों को यह रफ्तार नए एलएचबी कोच मिलने पर दी जाएगी।