देश की रक्षा में तैनात सैनिक हों या फिर बर्फीली वादियों में सैर करने वाले टूरिस्ट। बर्फीली वादियों में जरा अतिरिक्त सावधानी रखें। स्नो एवलांच एंड स्टडी इस्टेबलिशमेंट (सासे) ने कुछ इसी तरह की चेतावनी दी है। सासे ने कहा है कि बर्फ में खिलने वाला मौसम बर्फबारी के समय से ज्यादा खतरनाक हो सकता है।
बर्फ के पहाड़ों के पिघलने का खतरा ज्यादा
सासे चंडीगढ़ के एक अधिकारी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के उड़ी सेक्टर, द्रास, कारगिल, गुलमर्ग में अभी दो दिनों तक हिमस्खलन का खतरा है। यहां तेजी के साथ हिमपात हो रहा है। सासे के एसोसिएट डायरेक्टर एमआर भूटियानी ने कहा कि जब धूप खिलती है तो बर्फ के पहाड़ों के पिघलने का खतरा ज्यादा रहता है। अभी थोड़ा अलर्ट रहने का समय है, क्योंकि जरा सी असावधानी परेशानी पैदा कर सकती है। उन्होंने कहा कि सियाचीन सेक्टर में अभी खतरा टला नहीं है। लगातार आब्जर्वेट्री की मदद से वहां के मौसम पर नजर रखी जा रही है।
न्यू ईयर पर हिमाचल का टूर
इस बार बर्फबारी के बीच नए साल का जश्न मनाने हिमाचल जाने वाले टूरिस्ट की तादाद काफी बढ़ गई है। टूर एंड ट्रेवल कंपनियों की मानें तो पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार ऐसे सैलानियों की संख्या करीब 30 फीसदी बढ़ी है।