रियासत रामपुर के शासक रहे नवाब मोहम्मद अली खां का मकबरा रात में जमींदोज कर दिया गया। मकबरे को तोड़ने की जिम्मेदारी लेने के लिए कोई भी तैयार नहीं है। राष्ट्रीय लोकदल ने इस कार्रवाई का विरोध किया है। रालोद जिलाध्यक्ष आसिम खां का कहना है कि सत्ता पक्ष के इशारे पर प्रशासन ने मकबरे को तोड़ा है।
गौरतलब है मदरसा कोहना के कब्रिस्तान में रामपुर रिसायत के दूसरे नवाब मोहम्मद अली खां का मकबरा था। नवाब मोहम्मद अली खां रामपुर रियासत के संस्थापक नवाब फैजुल्लाह खां के बड़े बेटे थे। उनके मकबरे के बराबर में कई आलिमों की कब्रें हैं। मकबरे का कुछ हिस्सा और चारदीवारी पहले ही जर्जर स्थिति में पहुंच चुकी थी।
जानकारी के मुताबिक रविवार रात मकबरे की दीवारों पर जेसीबी चला दी गई। सुबह यहां मलबे का ढेर लगा था। चारों तरफ पुरानी ईंटें नजर आ रही थीं। कुछ कब्रों को भी नुकसान पहुंचा है। सोमवार सुबह लोगों ने देखा कि मकबरे की दीवार तोड़ दी गई है। हालांकि इसको लेकर किसी ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। प्रशासन भी मकबरे की दीवार तोड़े जाने की जिम्मेदारी लेने से बच रहा है।