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मायावती को लग सकता है तगड़ा झटका

Mon, 30 Jun 2014 06:57 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
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देश की तीन राष्ट्रीय पार्टियों की मान्यता जल्द ही समाप्त हो सकती है।
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लोकसभा चुनावों में राष्ट्रीय पार्टियों के लिए तय मानक से कम वोट पाने के बाद चुनाव आयोग मायावती की बहुजन समाज पार्टी, शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी को कारण बताओ नोटिस भेजा है।

राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा छिनने के बाद इन दलों का चुनाव चिन्ह किसी भी दल को आवंटित किया जा सकेगा।

चुनाव आयोग ने दो हफ्ते पहले भेजा नोटिस

लोकसभा चुनाव में हुई करारी के बाद बसपा, एनसीपी और सीपीआई के राष्ट्रीय पार्टी के दर्जे को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए थे।

चुनाव आयोग ने इन दलों को दो हफ्ते पहले नोटिस भेजकर पूछा था कि चुनावों में हार के बाद क्यों न राष्ट्रीय पार्टी की मान्यता छीन ली जाए?

दरअसल चुनाव आयोग ने मानकों के मुताबिक, राष्ट्रीय पार्टी को आम चुनावों में कम से कम चार राज्यों में 6 फीसदी मत प्राप्त करना अनिवार्य है या राष्ट्रीय पार्टी को कम से कम चार राज्यों में क्षे‌त्रीय पार्टी का दर्जा हो।

लोकसभा की कुल सीटों की दो फीसदी सीटें पाने पर भी किसी दल को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिया जाता है। लेकिन तीनों दल ये मानक पूरा नहीं कर पा रहे हैं।
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जवाब के लिए 27 जून तक दिया था समय

चुनाव आयोग ने कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए 27 जून तक का वक्त दिया था। फिलहाल देश में छह राष्ट्रीय दल हैं। तीनों दलों का राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा छिनने के बाद भाजपा, कांग्रेस और सीपीएम के रूप में तीन ही राष्ट्रीय दल शेष रह जाएंगे।

सिंबल ऑर्डर-1968 के मुताबिक, राष्ट्रीय पार्टी का चुनाव चिन्ह देश में किसी अन्य दल को नहीं दिया जा सकता। बसपा, एनसीपी और सीपीआई का राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा खत्म होने के बाद इन दलों का चुनाव चिन्ह, उन राज्यों को छोड़कर जहां इन्हें राज्य स्तरीय दल का दर्जा है, दूसरे राज्यों में किसी भी दल को सौंपा जा सकता है।

ऐसे में बसपा का चुनाव चिन्ह हाथी यूपी को छोड़कर दूसरे राज्यों में किसी भी दल को सौंपा जा सकता है।
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