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बुजुर्ग ने जान पर खेलकर बचाई 10 बच्चों की जान

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यूपी के मिर्जापुर में दलापट्टी घाट पर हादसे के बाद नाव सवार दिलेर बुजुर्ग रामजी यादव ने अपनी दिलेरी से कई परिवारों का चिराग बुझने से बचा लिया। उन्होंने एक-दो नहीं, बल्कि दस से अधिक बच्चों की जान बचाई। लोग रामजी की हिम्मत की दाद देते नहीं थक रहे हैं। इतना ही नहीं, एक गर्भवती ने  करीब 50 मीटर गंगा में तैरकर पेट में पल रहे शिशु तथा अपनी दो वर्षीय बेटी पल्लवी की जान बचाकर यह संदेश दिया कि जिंदगी की जंग आखिरी सांस तक लड़नी चाहिए।
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 दलापट्टी गांव निवासी रामजी यादव (70) मंगलवार की सुबह छात्रों के साथ नाव में बैठ कर गंगा पार दूध बेचने जा रहे थे। इसी दौरान घाट के पास ओवरलोड नाव डूब गई। लोग डूबने लगे। रामजी यादव डूब रहे छात्र-छात्राओं को बचाने में जुट गए। एक छात्र को बाहर निकालने के लिए पकड़ा, तभी दस अन्य छात्र जान बचाने के लिए उनसे लिपट गए।

खुद को छात्रों से घिरा देखकर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और सभी को एक दूसरे का हाथ पकड़ कर अपने साथ धीरे-धीरे तैरकर बाहर निकलने की सलाह दी। इस तरह वह सभी को अपनी ताकत और बुद्धि के बल पर सुरक्षित बाहर निकाल लाए। उधर, शहर कोतवाली क्षेत्र के सखौरा गांव की मनीषा (26) पत्नी लल्लू रक्षा बंधन पर भाई को राखी बांधने चील्ह थाना क्षेत्र के बेलवरिया गांव निवासी जयराम के यहां अपने मायके आई थीं।
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जान बचाने के लिए मुंह में ठूंसा कपड़ा

मंगलवार को वह दो वर्षीय बेटी पल्लवी के साथ ससुराल जा रही थीं। सुबह वह दलापट्टी घाट से नाव से सुंदरघाट के लिए रवाना हुई। हादसे के बाद बेटी को डूबता देख मनीषा तैर कर उसके पास पहुंची और बेटी को हाथ में उठा लिया। नदी का पानी पेट में जाने से बचाने के लिए उन्होंने बेटी के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया।

गर्भवती होने के बावजूद करीब 50 मीटर तैर कर मनीषा ने अपनी बेटी को बाहर निकाला। नदी से बाहर निकलते ही वह बेहोश हो गई। लोगों ने आनन फानन में उन्हें तथा उनकी बेटी को जिला चिकित्सालय पहुंचाया। उपचार के बाद उनकी स्थिति में सुधार है। हालांकि इस दौरान उनके 15 सौ रुपये तथा एक सोने की चेन पानी में गिर गई।

चील्ह के दलापट्टी गांव निवासी तौफीक ने बताया कि नाव डूबने के बाद साथियों को डूबते देख वह परेशान हो गए, लेकिन उनको ढांढस बधाते हुए  कहा कि उनको वह बचा लेगा। इसके बाद उनके पास गया और दो लोगों को बचाकर बाहर ले आया। गंगाघाट पर स्नान कर रहे दलापट्टी गांव निवासी कमलेश दलित ने जब नाव डूबते देखा तो वह पास पहुंचे और दो बालकों को बचाकर बाहर ले आए।
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भ्रम में दूसरे नाविक की हुई पिटाई

नाव हादसे के दौरान मंगलवार को भ्रम में आकर ग्रामीणों ने एक अन्य नाविक कल्लू मांझी की पिटाई कर दी। इससे वह घायल हो गया।  वह घाट नाव छोड़ कर भाग निकला। बता दें कि नाव हादसे के बाद वह नाव लेकर बच्चों को बचाने के लिए पहुंचा था। खाली नाव से अधिक लोगों के लटकने की वजह से उसकी नाव भी गंगा में डूब गई। उसे वह कुछ देर बाद नदी से निकाल रहा था। नाव निकालते समय ग्रामीणों ने सोचा कि इसी की नाव से हादसा हुआ है।

मंगलवार की सुबह गंगा में डूबी छोटी नाव की क्षमता दस सवारी की है, लेकिन नाविक ने क्षमता से तीन गुना अधिक सवारियों को बैठा लिया था। इतना ही नहीं, लोगों के अनुसार वह शराब पीकर नाव चला रहा था। चील्ह थानाध्यक्ष राजाराम ने बताया कि नाव दुर्घटना के मामले में नाविक  बौखल पुत्र लौधर के विरुद्घ 336 और 280 की धारा में केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी गई है।
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