शाहजहांपुर के पहाड़ीपुर भोपत गांव में गर्रा नदी से रेता ले जाए जाने की सूचना पर पहुंचे खुदागंज थाने के दो सिपाहियों पर खनन माफिया बाप-बेटे ने ट्रैक्टर ट्रॉली चढ़ा दी।
पीलीभीत निवासी सिपाही ओमशंकर को कुचलकर मार डाला जबकि दूसरा सिपाही ध्रुव यादव घायल हो गया। भागने की कोशिश में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई, जिसे आरोपी वहीं छोड़ गए।
घायल सिपाही फरीदपुर निवासी ध्रुव यादव की ओर से पिता-पुत्र के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने उनकी तलाश में कई जगह दबिश दी लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।
पुलिस के अनुसार शुक्रवार की रात दोनों सिपाही कस्बे में ही कटरा-खुदागंज रोड पर गश्त पर थे। तभी उन्हें पहाड़ीपुर भोपत के किसी व्यक्ति ने खनन की सूचना दी।
एक सिपाही की मौत, एक घायल
इस पर रात करीब डेढ़ बजे दोनों सिपाही वहां से लगभग चार किलोमीटर दूर इस गांव में पहुंच गए। उस समय नदी से रेता लेकर एक ट्रॉली करीब आधा किलोमीटर आगे तक बढ़ आई थी।
सिपाहियों ने बाइक खड़ी करके हाथ दिखाकर टॉली को रोकने के लिए इशारा किया। ध्रुव यादव के मुताबिक ट्रैक्टर चला रहे व्यक्ति ने टार्च जलाकर उन्हें देखा तो छूटते ही गालियां देने लगा और बोला, उगाही के लिए आए हैं, इन्हें मार डालो।
टार्च की रोशनी में उन्होंने ट्रैक्टर चला रहे म्यूना गांव के दीपू और उसके पिता धर्मेंद्र सिंह को पहचान लिया। पिता के कहने पर दीपू ने सिपाहियों पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया।
इससे 45 वर्षीय ओमशंकर पहिए के नीचे कुचल गया और वहीं दम तोड़ दिया जबकि ध्रुव यादव बुरी तरह घायल हो गया। उसके हाथ और सीने में गुम चोटें आईं हैं। तेजी से भागने की कोशिश में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई।
ध्रुव यादव के सूचना देने पर पहले थाने से फोर्स और फिर थोड़ी देर में शाहजहांपुर शांति व्यवस्था में ड्यूटी पर चल रहे थानाध्यक्ष इफ्तेखार अहमद मौके पर पहुंच गए।
पुलिस ने दर्ज किया हत्या का केस
सुबह करीब चार बजे एएसपी देहात आशाराम यादव भी घटना स्थल पर पहुंच गए। इसके बाद ओमशंकर के शव को थाने ले जाया गया, जहां से उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
ध्रुव यादव की ओर से खनन माफिया बाप-बेटे के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। सुबह एसपी राकेश चंद्र साहू ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। आरोपी बाप-बेटे की तलाश में कई जगह दबिश दी गई, मगर वे पकड़ में नहीं आए।
पोस्टमार्टम के बाद शव को पुलिस लाइंस ले जाया गया, वहां एसपी व अन्य अधिकारियों ने सलामी दी। पुलिस लाइंस से परिवार वाले पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए पीलीभीत ले गए।
पूरे मामले पर खुदागंज थानाध्यक्ष इफ्तेखार अहमद ने बताया, "ओमशंकर को खनन माफिया ने कुचलकर मार डाला। मुकदमा थाने में दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी होगी।
पत्नी बोली, सजा दिलाने तक चैन से नहीं बैठूंगी
ओमशंकर मूल रूप से पीलीभीत जिले के बरखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव कोकली मुड़िया के रहने वाले नत्थूलाल के बेटे थे। अभी वह पीलीभीत शहर में ही राजीव कालोनी में गत्ता फैक्ट्री के पीछे मकान बनाकर रह रहे थे।
वह यहां खुदागंज थाने में पिछले साल 23 नवंबर से तैनात थे। ओमशंकर की मौत की खबर मिलने के बाद उनका परिवार यहां पहुंच गया।
पत्नी सावित्री देवी अपने पति के शव से लिपटकर दहाड़ें मारते हुए रोने लगीं। ओमशंकर के चार बेटियां बबली, पूजा, रजनी, अंशिका और एक बेटा सावन है। सावित्री ने कहा कि खनन माफियाओं को सजा दिलाने तक वह चैन से नहीं बैठेंगी।