अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने मोदी सरकार के कार्यकाल में सांप्रदायिक घटनाओं में तेजी से कमी आने का दावा करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं की संख्या यूपीए सरकार की तुलना में आधी रह गई हैं।
सरकार के आने के बाद देश में असहिष्णुता और सांप्रदायिक उन्माद बढ़ने संबंधी आरोपों को नकवी ने मोदी सरकार को बदनाम करने की धर्मनिरपेक्षता के सूरमाओं की साजिश करार दिया।
उन्होंने कहा कि नई सरकार के पौने दो साल के कार्यकाल में देश में एक भी बड़ी सांप्रदायिक घटना नहीं घटी। यूपीए सरकार के कार्यकाल में साल 2013 में घटी 2613 घटनाओं की तुलना में साल 2015 में यह संख्या घट कर 1400 हो गई।
उन्होंने कहा कि नई सरकार की सबका साथ सबका विकास की नीति का सबसे अधिक लाभ आजादी के बाद से ही हाशिये पर रहे अल्पसंख्यक समुदाय को मिला है।
इस दौरान अल्पसंख्यकों की सुरक्षा, समृद्घि और सम्मान का मजबूत माहौल तैयार हुआ है। उन्होंने मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष की कथित नकारात्मक अभियान को विकास के एजेंडे पर किसी भी कीमत पर हावी न होने देने की बात कही।