फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अमिताभ से भी लंबी है ये लौकी, मिसाइलमैन भी चौंके

विज्ञापन
विज्ञापन
प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र के आदर्श गांव जयापुर में उपज का रिकार्ड तोड़ने वाले बीजों की प्रजातियां अब दुनिया भर के कृषि विशेषज्ञों का ध्यान खींचने लगी हैं। जयापुर में उगाई गई गेहूं की उन्नतिशील प्रजाति के बारे में भी जानकारी दी गई।
विज्ञापन


अहमदाबाद में 21 जनवरी को नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन आफ इंडिया की ओर से आयोजित अंतरराष्ट्रीय कृषि कांफ्रेंस में जयापुर में पैदा हो रही चार से सात फीट लंबी लौकी एशिया और यूरोप के देशों के कृषि प्रतिनिधियों के आकर्षण का केंद्र बनी।

कांफ्रेंस में मौजूद रहे पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने उन्नतशील बीजों के विकास की इस प्रक्रिया की जानकारी लेने के साथ ही देश की कृषि के सुखद भविष्य के लिए इसे और आगे बढ़ाने की सलाह अनुसंधानकर्ताओं को दी है। कृषि के क्षेत्र में ऐसी क्रांति के लिए किसान श्री प्रकाश की काफी सराहना की गई है।
विज्ञापन

52 देशों को चौंकाया

अंतरराष्ट्रीय कृषि कांफ्रेंस में जयापुर में उगाए गए उन्नतिशील गेहूं कुदरत-100 के अलावा वहां विकसित किए जा रहे अन्य प्रजातियों के बीजों को मिली प्रमुखता ने भारतीय कृषि विशेषज्ञों का उत्साह बढ़ा दिया है।

अमेरिका, जापान, चीन, कनाडा, फ्रांस, दक्षिण अफ्रीका समेत 52 देशों के कृषि प्रतिनिधियों ने सात फीट लंबी फलत देने वाली लौकी की प्रजाति को देखकर आश्चर्य जताया। कुछ देशों के विशेषज्ञ प्रयोग के लिए इस लौकी के बीज को अपने साथ ले भी गए।

दक्षिण अफ्रीका की कृषि अनुसंधानकर्ता बोरिश ने सात फीट लंबी लौकी की प्रजाति को किसानों की तरक्की के लिए वरदान बताया। उन्होंने बीजों के विकास पर काम कर रहे श्रीप्रकाश से इसके बारे में जानकारी भी ली।
विज्ञापन

कुदरत-100 भी किया है विकसित

श्रीप्रकाश ने स्वपरागण विधि से विकसित की गई गेहूं की प्रजाति-कुदरत-100 के अलावा धान उन्नतशील बीजों को भी जल्द ही तैयार करने के बारे में कृषि विशेषज्ञों को जानकारी दी।

वहां मिसाइल मैन एपीजे अब्दुल कलाम ने भी कौतूहल का केंद्र बनी इस लौकी को देखा और किसान श्री प्रकाश को बीजों के विकास क्रम को आगे बढ़ाने के लिए उत्साहित किया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें