गोरखपुर में सहारा इस्टेट की 45.71 एकड़ जमीन खरीदने के लिए दो डवलपर्स के बीच सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में ही बोली लग गई। आठ राउंड तक चली इस बोली में दोनों कंपनियां 150 करोड़ रुपये देने को तैयार हो गईं।
कोर्ट की तीन सदस्यीय विशेष पीठ ने दोनों ही कंपनियों को 31 जुलाई तक 25 फीसदी रकम यानी 37.50 करोड़ रुपये जमा करने के लिए कहा है। अगली सुनवाई तीन अगस्त को होगी।
मालूम हो कि सहारा समूह ने एमओयू (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) के जरिए संवृद्धि डेवलपर्स से 64 करोड़ रुपये में इस जमीन का सौदा कर लिया था।
गोरखपुर रीयल इस्टेट डेवलपर्स के निदेशक ओम प्रकाश जालान ने 30 जून को रिट दाखिल करके सहारा की इस डील को चुनौती देते हुए कहा था कि यह सौदा सर्किल रेट से आधी से भी कम दर पर किया गया है।
वह इस जमीन के लिए 110 करोड़ रुपये देने को तैयार हैं। इस मामले में सात जुलाई को हुई पहली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट की विशेष पीठ ने जालान को 10 फीसदी यानी 11 करोड़ रुपये जमा करने को कहा। तय समय में उन्होंने यह रकम भी जमा कर दी।
दोनों कंपनियां 150 करोड़ देने को तैयार
न्यायमूर्ति टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ केसमक्ष सोमवार को सुनवाई शुरू होते ही संवृद्धि डेवलपर्स ने कहा कि वह भी 110 करोड़ रुपये देने को तैयार है।
यह कहना था कि दूसरी कंपनी गोरखपुर रीयल इस्टेट डेवलपर्स ने भी कहा कि वह भी 110 करोड़ देने केलिए तैयार है। इसके बाद अदालत कक्ष में मौजूद दोनों कंपनी के मालिक अपने वकीलों केजरिए 45.71 एकड़ जमीन के लिए बढ़कर बोली लगाने लगे।
आठ राउंड तक चली बोली में दोनों कंपनियां 150 करोड़ रुपये देने के लिए तैयार हो गईं। इस दौरान पीठ ने सहारा समूह केवकील कपिल सिब्बल से कहा कि ‘आप तो बहुत कम में सौदा कर रहे थे’।
इस पर सिब्बल ने कहा कि हमें खुशी है कि इस जमीन के लिए खरीदार और रकम देने को तैयार हैं। सुनवाई केदौरान सिब्बल ने एक बार फिर कहा कि संसार में ऐसा कोई बिजनेस हाउस ऐसा नहीं है जो 18 महीने में 36 हजार करोड़ रुपये जमा कर सके।
31 जुलाई तक देने होंगे 37.50 करोड़
पीठ ने दोनों कंपनियों को 31 जुलाई तक 25 फीसदी रकम यानी 37.50 करोड़ रुपये जमा करने को कहा है। यह भी कहा है कि अगर कोई खरीदार सौदे से अलग होता है तो उसकी जमा राशि जब्त हो जाएगी। अगली सुनवाई तीन अगस्त को होगी।
पीठ ने सेबी से कहा है कि वह सहारा समूह को सेबी-सहारा खाते का विवरण मुहैया कराए। साथ ही पीठ ने सेबी को यह भी बताने के लिए कहा है कि समूह द्वारा सेबी-सहारा खाते में जमा रकम को कहां-कहां निवेश किया गया है।
मालूम हो कि समूह को अपनी देनदारी की रकम सेबी-सहारा खाते में जमा करनी है। गत वर्ष मार्च से जेल में बंद सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत राय सहारा को जमानत पर रिहा होने के लिए फिलहाल पांच हजार करोड़ नकद और इतनी ही राशि की बैंक गारंटी की दरकार है। इसी रकम का इंतजाम करने केलिए सहारा समूह की संपत्तियां बेचने की कोशिश हो रही है।