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ललित मोदी मामले की दस बातें, जो अब तक हुईं

Fri, 19 Jun 2015 09:07 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी प्रकरण में सरकार चारों ओर से कटघरे में है तो विपक्ष हमलावर। तो वहीं दूसरी ओर इस मामले में फंसी राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बचाव से सरकार और पार्टी किनारा ही नजर आ रही है। आइए जानते हैं ललितमोदी मामले की ये दस बातें जो अब तक हुई।
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आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी प्रकरण में घिरी विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के ललित मोदी से लंदन में मुलाकात की खबरों को लेकर सूत्रों ने पुष्टि की है। सूत्रों का कहना है कि पिछले अक्टूबर में लंदन के बेंटले होटल में सुषमा ललित मोदी से एक छोटे से डिनर पर मिले थे। उनकी यह कोई वक्तिगत मुलाकात नहीं थी।
    
लंदन के बेंटले होटल के मालिक जोगिंदर सेंगर का कहना है कि उस दिन डिनर पर कुल 12 लोग थे जिसमें से सुषमा स्वराज के परिवार से पांच सदस्य और एक मात्र मेहमान के तौर पर ललित मोदी थे। इस मामले में कांग्रेस ने सवाल उठाया कि भारत में भ्रष्टाचार के आरोपों में वांछित व्यक्ति ललित मोदी के साथ सुषमा सामाजिक कार्यक्रम में लंदन में क्यों थी।
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ललित मोदी की मदद को सरकार ने माना मानवीय आधार

ललित मोदी वर्ष 2010 से विदेश में हैं। यूपीए सरकार में ललित मोदी पर आईपीएल में करोडों का घोटाला करने का आरोप है। उनके खिलाफ ईडी कई मामलों में जांच कर रहा है। सरकार ने ललित मोदी का पासपोर्ट रद्द कर दिया था, लेकिन पिछले अगस्त में दिल्ली हाईकोर्ट ने बहाल कर दिया।  

वित्त मंत्रालय ने ललित मोदी के पासपोर्ट को चुनौती देने के पक्ष में है, लेकिन विदेश मंत्रालय ने अभी तक अपील दायर नहीं की है।इस पर पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने सुषमा स्वराज से सवाल किया कि ललित मोदी को यात्रा दस्तावेज उपलब्‍ध कराने में मदद करने में भारतीय दूतावास को क्यों नहीं पूछा गया।

सुषमा स्वराज के बचाव में सरकार ने कहा कि मानवीय आधार पर ललित मोदी को ब्रिटेन यात्रा दस्तावेज में मदद की गई। सरकार ने कहा कि  उनकी केंसर से पीड़ित पत्नी की पुर्तगाल में सर्जरी की जानी थी।
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मामले में वसुंधरा की इंट्री और बवाल

इस मामले में तब एक और नया मोड़ आ गया जब ललित मोदी को लेकर राजस्‍थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का नाम भी सामने आया। बताया गया कि ललित मोदी को यात्रा दस्तावेज मदद में वसुंधरा राजे ने सीक्रेट गवाह के तौर पर मदद की। सूत्रों का कहना है कि बीजेपी ने वसुंधरा के बचाव में कुछ भी कहने से अपने नेताओं को साफ मना किया जब तक कि मामले से जुड़े तथ्य सामने नहीं आते।

सूत्रों के मुताबिक ललित मोदी के पीआर टीम द्वारा जारी दस्तावेज में वसुंधरा का नाम सामने आने के बाद राजे ने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को फोन किया, जिसमें उन्होंने माना कि ललित मोदी के आर्वजन आवेदन में उन्होंने सीक्रेट गवाह के तौर पर मदद की, लेकिन इसमें कुछ भी गलत नहीं है।

लेकिन सूत्रों का कहना है कि पार्टी मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से सहमत नहीं है। वसुंधरा राजे के बेटे दुष्यंत द्वारा संचालित कंपनी ने भी अवैध तरीके से ललित मोदी से 11.6 करोड़ लिए। इस मामले में प्रर्वतन निदेशालय ने ललित मोदी के दो पूर्व निदेशकों को तलब किया है। इस पूरे मामले में अब वसुंधरा की कुर्सी पर खतरा पैदा हो गया है।
   
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