सूर्यनेल्ली गैंगरेप मामले में अपना नाम घसीटे जाने पर सफाई देते हुए राज्यसभा के उप सभापति पीजे कुरियन ने कहा कि उन्हें अपने राजनीतिक विरोधियों पर संदेह है जो कि इस साजिश में फंसाकर नुकसान पहुंचाना चाह रहे हैं। इनमें कांग्रेस के लोग भी शामिल हैं।
इस मामले में कुरियन का नाम दोबारा चर्चा में तब आया जब गैंगरेप की शिकार लड़की ने दिल्ली स्थित अपने सुप्रीम कोर्ट के वकील को पत्र लिखकर कुरियन के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करने की संभावनाओं का पता लगाने को कहा है। इसके अलावा इस लड़की ने मुख्यमंत्री ओमान चांडी को फैक्स भेजकर कुरियन के खिलाफ नए सिरे से जांच कराने का आग्रह किया है।
एक टीवी चैनल को दिए गए इंटरव्यू में कुरियन ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि इस मामले में दोबारा उनका नाम घसीटने की साजिश हो रही है जबकि अदालतों ने उन्हें इस मामले में पाक साफ बताया है और जांचों में भी उनके ऊपर लगाए गए आरोप आधारहीन पाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि यूडीएफ और एलडीएफ सरकारों के अधीन पुलिस अधिकारियों की चार टीमों की जांच के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें दोषमुक्त करार दिया है। यदि इन जांचों में कोई चूक हुई है तो इन जांच अधिकारियों से पूछतांछ की जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ओमान चांडी, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष व अन्य नेताओं का भरपूर समर्थन मिलने के बावजूद कुरियन का मानना है कि पार्टी के अंदर कुछ लोग उन्हें नुकसान पहुंचाना चाह रहे हैं क्योंकि उनके कारण कई लोगों को अपने भविष्य की संभावनाओं को खतरा दिख रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें मालूम है कि कौन उनके खिलाफ काम कर रहा है। ऐसे लोगों के बारे में मैं अभी खुलासा नहीं करूंगा पर बाद में ऐसा कर सकता हूं।
कुरियन ने कहा कि वे उस लड़की से कभी नहीं मिले। यदि कभी मिले तो ये गलतफहमियां दूर हो जाएंगी। मैं उसके लिए सिर्फ प्रार्थना कर सकता हूं।