यौन उत्पीड़न मामले में जेल में बंद आसाराम बापू फिलहाल जेल में ही रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम को अंतरिम जमानत देने से इनकार किया है।
एम्स की मेडिकल रिपोर्ट देखने के बाद शीर्ष अदालत ने कहा कि आसाराम को जमानत देने का कोई कारण नहीं दिखता। हालांकि अदालत ने जोधपुर के एक डॉक्टर को आसाराम का इलाज करने की इजाजत दे दी है।
न्यायमूर्ति टी. एस. ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने चिकित्सकीय आधार पर आसाराम ने जमानत देने से इनकार कर दिया है। अदालत के आदेश पर गठित एम्स के डॉक्टरों की टीम ने रिपोर्ट में कहा था कि आसाराम की बीमारी दवाइयों से दूर हो सकती है, उन्हें सर्जरी की जरूरत नहीं है। उनका इलाज ओपीडी में हो सकता है।
वास्तव में अदालत यह जानना चाहती थी कि क्या चिकित्सकीय आधार पर आसाराम को जमानत दी जा सकती है या नहीं। शीर्ष अदालत ने ट्रायल कोर्ट से कहा कि तीन महत्वपूर्ण गवाहों के बयान जल्द कराए जाएं।
मालूम हो कि ट्रायल कोर्ट में मामले की रोजाना सुनवाई हो रही है। अदालत ने कहा कि तीन गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद आसाराम जमानत याचिका दाखिल करने के लिए स्वतंत्र हैं।
नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप में जोधपुर की अदालत ने आसाराम पर बलात्कार, आपराधिक षड्यंत्र सहित अन्य अपराधों के आरोप निर्धारित किए हैं। करीब एक पखवाड़े पहले राजस्थान पुलिस कई तरह के टेस्ट कराने के लिए आसाराम को लेकर एम्स लेकर आई थी।