सुप्रीम कोर्ट ने हेलीकॉप्टर सौदे में दायर अर्जी पर जल्द सुनवाई से इंकार कर दिया है। अर्जी में 3600 करोड़ रुपये के वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदे में रिश्वत के आरोपों की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में विशेष जांच टीम (एसआईटी) अथवा सीवीसी से कराने की मांग की गई है।
चीफ जस्टिस अल्तमस कबीर की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले को अपने सामने आने के बाद बृहस्पतिवार को कहा कि इसे नियमित तरीके से सुनवाई के लिए आने दीजिए। इस मामले में एडवोकेट एमएल शर्मा ने जनहित याचिका दायर की है।
याचिका में सुप्रीम कोर्ट से अपील की गई है कि वह रक्षा मंत्रालय को आदेश दे कि वह इटली की कंपनी फिनमेक्कानिका से 12 एडब्लू 101 हेलीकॉप्टर का सौदा रद्द कर दे। इस हेलीकॉप्टर का निर्माण फिनमेक्कानिका की सहयोगी अगस्ता वेस्टलैंड ने किया है और अब तक भारत को तीन हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति की जा चुकी है।
शर्मा ने अपनी याचिका में मामले की जांच एसआईटी अथवा सीवीसी से कराने की मांग की है। इस मामले की छानबीन में सीबीआई को शामिल नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि यह जांच एजेंसी सरकार के नियंत्रण में है।
साथ ही याचिका में कहा गया है कि रिश्वत दिए जाने की जानकारी वर्ष 2011 से है, लेकिन अभी तक इस मामले में किसी भी भारतीय नागरिक के खिलाफ मामला दर्ज नहीं हुआ है। यह याचिका रक्षा मंत्री एके एंटनी की ओर से मामले की सीबीआई जांच के आदेश के बाद दायर की गई है।