सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से यह जानना चाहा है कि मुख्यमंत्री किन सरकारी फाइलों पर नजर डालते हैं और किन फाइलों पर हस्ताक्षर करते हैं।
कोर्ट ने राज्य सरकार को तीन हफ्ते के भीतर यह जानकारी देने को कहा है।सुप्रीम कोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दाखिल इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही है।
एक सामाजिक कार्यकर्ता ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर अपील की थी कि सभी सरकारी फाइलों पर मुख्यमंत्री के हस्ताक्षर होने चाहिए, न कि अधिकारियों के। हाईकोर्ट ने इस याचिका को बड़ी पीठ के समक्ष भेज दिया था।