सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को डाकघर की तरह काम नहीं करने के लिए कहा है। अदालतीआदेश का पालन करने के लिए राज्य सरकारों से महज पत्राचार करने पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है। वेश्यावृत्ति और बाल तस्करी पर लगाम लगाने के केंद्र सरकार के प्रयासों पर सुप्रीम कोर्ट ने बेहद नाराजगी जताई है।
शीर्ष अदालत ने कहा है कि इस मामले में राज्य सरकारों से समन्वय बनाने पर केंद्र सरकार का प्रयास बेहद धीमा रहा है। न्यायमूर्ति अनिल आर दवे की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने पाया कि केंद्र सरकार को 30 अक्तूबर के शीर्ष अदालत केआदेश को राज्य सरकारों तक पहुंचाने में करीब डेढ़ महीने का वक्त लगा।
गत अक्तूबर महीने में पीठ ने सरकार को रिपोर्ट दाखिल कर यह बताने के लिए कहा था कि वर्ष 1990 में दिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर क्या कार्रवाई हुई है। पीठ ने पाया कि गत 30 अक्तूबर के आदेश की जानकारी को केंद्र ने 12 दिसंबर को राज्य सरकारों तक पहुंचाई।