अचानक घटे एक घटनाक्रम में विदेश सचिव सुजाता सिंह ने बुधवार रात अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनकी जगह पर अमेरिका में भारत के राजदूत एस जयशंकर को नया विदेश सचिव नियुक्त किया गया है।
जयशंकर इसी महीने 31 जनवरी को अपने पद से सेवानिवृत्त हो रहे थे। सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें विदेश सचिव नहीं बनाया जा सकता था। इसीलिए आननफानन में सुजाता का इस्तीफा दिलवाया गया। सुजाता के कार्यकाल में करीब 8 महीने बाकी थे। बताया जा रहा है कि सुजाता को सरकार ने राज्यपाल या कोई अन्य अहम पद दिए जाने का आश्वासन दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति की बैठक में यह चौंकाने वाला निर्णय लिया गया। देर रात किए गए ऐलान में कहा गया है कि 1976 बैच की विदेश सेवा की अधिकारी सुजाता सिंह का विदेश सचिव का कार्यभार तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाता है।
उनकी जगह पर 1977 बैच के आईएफएस जयशंकर को नियुक्त किया जाता है। सूत्रों ने बताया कि जयशंकर का कार्यकाल 31 जनवरी को खत्म हो रहा था और उसके बाद वह विदेश सचिव नहीं बन पाते। विदेश सचिव बनने के बाद अब उनको दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल मिल जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, सुजाता को इस्तीफा देने के लिए उच्च स्तर पर मनाया गया। इस्तीफे के बदल में उन्हें राज्यपाल बनाने या कोई अन्य महत्वपूर्ण पद दिए जाने का वादा किया गया है।
जयशंकर यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान पिछले साल भी विदेश सचिव की दौड़ में सबसे आगे थे। तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की भी वह पहली पसंद थे लेकिन कांग्रेस हाईकमान के साथ सुजाता के पिता की नजदीकी के कारण उस वक्त उन्हें मायूस होना पड़ा था।
सत्ता परिवर्तन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार जयशंकर को विदेश सचिव बनाना चाह रहे थे। पीएम जयशंकर के अमेरिका और चीन में राजदूत रहने के दौरान अच्छे संबंधों का फायदा उठाना चाह रहे थे। पीएम ने जयशंकर के सामने विदेश नीति पैनल का मुखिया बनने का भी प्रस्ताव रखा था लेकिन इसे उन्होंने ठुकरा दिया था। इसके बाद पीएम जयशंकर को विदेश सचिव बनाने की फिराक में थे।
सुजाता सिंह का जन्म जुलाई 1954 को हुआ था। सुजाता सिंह ने जुलाई 1976 में भारतीय विदेश सेवा को ज्वाइन कर लिया था। भारत में विदेश सचिव के पद को 1 अगस्त, 2013 से संभाला था।
सुजाता सिंह जर्मनी में वर्ष 2012-13 के बीच राजदूत नियुक्त थी। वहीं आस्ट्रेलिया में वर्ष 2007-2012 के बीच भारत की उच्चायुक्त के पद पर रहीं।
सुजाता सिंह ने लेडी श्रीराम कॉलेज दिल्ली से बी.ए. ऑनर्स इकॉनामिक्स से किया। वहीं एम ए दिल्ली स्कूल ऑफ इकॉनामिक्स से वर्ष 1975 में किया। सुजाता सिंह के पति का नाम संजय सिंह है और उनकी दो बेटियां है।