पुणे स्थित फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एफटीआईआई) के आंदोलनकारी छात्रों की गिरफ्तारी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मामले में केंद्र सरकार ने पांच सदस्यीय जांच समिति संस्थान में भेजने का फैसला किया है।
वहीं, एफटीआईआई के निदेशक प्रशांत पाठराबे ने कहा कि छात्रों का व्यवहार असहनीय है। वह अभी तक सदमे में हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में काम करना काफी मुश्किल हो गया है।
संस्थान के निदेशक पाठराबे ने छात्रों की गिरफ्तारी का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह छात्रों ने मुझे प्रताडि़त किया और आठ घंटे तक बंधक बनाकर रखा। उससे ये छात्र कहलाने के लायक नहीं हैं।
कार्यालय से बाहर नहीं जाने दे रहे थे
पाठराबे ने छात्रों की गिरफ्तारी को लेकर बुधवार को अपनी सफाई पेश की। पाठराबे ने पत्रकारों को बताया कि सोमवार को उन्होंने पांच से छह छात्रों को चर्चा के लिए अपने कार्यालय में बुलाया था, लेकिन अचानक 40 से 50 छात्र आ गए।
फिर भी हमने चर्चा शुरू की। इस चर्चा के बाद मैने छात्रों को संस्थान का निर्णय सुनाया। जिसके बाद उन्हें छात्रों कार्यालय से बाहर ही नहीं निकलने दिया। पाठराबे ने बताया कि छात्रों ने चेन बना रखी थी और उन्हें कार्यालय से बाहर नहीं जाने दिया जा रहा था।
कई छात्रों ने अपशब्द कहे। कार्यालय के टेलिफोन के तार काट दिए और कार्यालय में सामान तितर-बितर कर दिया। प्रशांत पाठराबे ने 17 छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है जिसमें तीन छात्राएं भी शामिल हैं।
कई फिल्मी हस्तियों ने किया गिरफ्तारी का विरोध
इसमें से पांच छात्रों को रात करीब सवा एक बजे पुणे की डेक्कन जिमखाना
पुलिस ने संस्थान कैंपस से गिरफ्तार कर लिया। बुधवार को पुलिस ने छात्रों
को कोर्ट में पेश किया और यहां उन्हें जमानत मिल गई।
छात्रों की गिरफ्तारी का कई फिल्मी हस्तियों ने विरोध किया है। मशहूर फिल्म निर्देशक श्याम बेनेगल ने छात्रों की गिरफ्तारी को गलत बताया लेकिन साथ ही यह भी कहा कि छात्रों का व्यवहार असहनीय है।
फिल्म निदेशक हंसल मेहता ने कहा कि अवज्ञा आजादी की असल नींव है। संगीतकार विशाल ददलानी ने केंद्र सरकार को निशाना बनाते हुए कहा कि किसी सरकार को इतनी जल्दी इतना नीचे गिरते हुए नहीं देखा है। वहीं, फिल्मकार अभिनव सिंहा ने छात्रों की गिरफ्तारी की निंदा की।
71 दिन से छात्र कर रहे आंदोलन
एफटीआईआई के छात्र बीते 71 दिन से आंदोलन कर रहे हैं। छात्र महाभारत के युधिष्ठिर अभिनेता गजेंद्र चौहान की भारतीय फिल्म व टेलिविजन संस्थान के चेयरमैन पद पर नियुक्ति के खिलाफ हैं।
संस्थान की तरफ से सन 2008 बैच के छात्रों के अधूरे डिप्लोमा फिल्म प्रोजेक्ट की जांच की जा रही हैं। छात्रों ने इसे अनुचित बताते हुए संस्थान के निदेशक का घेराव किया था।
राहुल ने सरकार को लताड़ा
एफटीआईआई में छात्रों की आधी रात को गिरफ्तारी पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा है, ‘मोदीजी हमारे छात्र अपराधी नहीं हैं।
चुप्पी, निलंबन, गिरफ्तारी। अच्छे दिन के लिए मोदी मंत्र।’ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी छात्रों के पक्ष में ट्वीट किया।
उन्होंने पेशकश की है कि जब तक केंद्र सरकार छात्रों की मांग नहीं मान लेती, तब तक दिल्ली सरकार उन्हें कक्षाएं चलाने के लिए अस्थायी रूप से जगह मुहैया कराएगी।