माता-पिता बच्चों के पोषक होते हैं, लेकिन बिजनौर के भवानीपुर गांव में एक सौतेली मां के शोषण ने एक बच्ची को कुपोषण का शिकार बना दिया। सौतेली मां के अत्याचारों से एक आंगनबाड़ी कार्यकत्री ने बच्ची को मुक्त कराकर जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया, तो हकीकत सामने आई।
चार साल की इस बच्ची का वजन महज साढ़े नौ किलो है। बच्ची की हालत देखकर चिकित्सकों का कलेजा भी मुंह को आ गया है। 24 घंटे बाद गुरुवार को बच्ची की सौतेली मां अस्पताल पहुंची।
राज्य पोषण मिशन के अंतर्गत गांव-गांव, घर-घर कुपोषित बच्चों को चिह्नित कर उनका उपचार किया जा रहा है। बृहस्पतिवार को आंगनबाड़ी कार्यकत्री कामेश देवी चंदक ब्लॉक क्षेत्र के अपने गांव भवानीपुर पहुंची। अचानक एक साढ़े चार साल की बच्ची कशिश उनके सामने आ गई और खाने के लिए कुछ मांगा। बच्ची की हालत देख वह सकपका गई।
बच्चे के बारे में उसने आसपास के व्यक्तियों से पता किया तो सच्चाई सामने आई। बच्ची व पड़ोसियों ने बताया कि उसकी मां की मौत हो चुकी है। सौतेली मां है, वह उसे खाना भी पूरा नहीं देती और उसके साथ मारपीट करती है। बच्चे के सिर, माथे व अन्य स्थानों पर चोट के निशान इस बात के गवाह हैं। आंगनबाड़ी कार्यकत्री ने बच्ची को जिला अस्पताल में पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया है।