तमाम एहतियात के बावजूद कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की संयुक्त हायर सेकेंडरी लेवल (सीएचएसएल) का पेपर फिर लीक हो गया। हल्द्वानी से 11, अल्मोड़ा से सात, इलाहाबाद से एक और लखनऊ से पांच नकलची पकड़े गए हैं। नकलची छात्रों से पूछताछ में पता चला कि पेपर लीक करने वाला मास्टरमाइंड मेरठ जिले के मवाना का रहने वाला कोचिंग संचालक है। पिछले सप्ताह भी इसी परीक्षा का पेपर लीक होने पर चिट के साथ तीन मुन्नाभाई पकड़े गए थे। सतर्कता के बावजूद मुन्नाभाइयों ने अधिकारियों की सारी तैयारियों पर पानी फेर दिया।
हल्द्वानी में एसडीएम हरबीर सिंह ने सीओ जीसी टम्टा के साथ रविवार सुबह डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में छापा मारकर परीक्षा दे रहे मेरठ जिले के मवाना निवासी सौरभ धामा को मोबाइल के साथ पकड़ लिया। इस छात्र के बगल में परीक्षा दे रहे बागपत जिले के बड़ौत खिरनी नेहरू रोड निवासी भानु कुमार पवार को भी पकड़ा, लेकिन वह चिट चबा गया।
प्रशासनिक अधिकारियों के पूछने पर पता चला कि मवाना (मेरठ) निवासी कोचिंग संचालक पंकज धामा ने सौरभ को हल किया हुआ पेपर उपलब्ध कराया था। इस मामले में एक अज्ञात व्यक्ति ने शनिवार को ही डीएवी के प्रिंसिपल के पास पत्र भेजकर परीक्षा पेपर लीक होने की जानकारी दी थी।
इसके बाद एसडीएम ने क्वींस हायर सेकेंडरी स्कूल में छापा मारकर मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना कुरालसी निवासी निर्दोष कुमार, बागपत जिले के मोजिजाबाद नांगल निवासी सन्नी पवार, पट्टी रामपुर घास की मंडी खेकड़ा निवासी बृजमोहन समेत चार लोगों को नकल करते हुए पकड़ लिया। क्वींस स्कूल में शाम की पाली में भी बागपत जिले के चार परीक्षार्थी अंकुर, अविनाश, विनीत और सोनू पकड़े गए। इनमें से एक परीक्षार्थी चिट चबा गया।
वहीं, कक्ष निरीक्षक ने डान बोस्को बेरीपड़ाव में मेरठ के अंकुर को नकल करते हुए पकड़ा। उधर, अल्मोड़ा में नकल करते पकड़े गए सात परीक्षार्थियों में बागपत जिले के चार, मुजफ्फरनगर, सोनीपत और फिरोजाबाद जिले के एक-एक अभ्यर्थी शामिल हैं। इन्होंने लिखित में नकल करने की बात स्वीकारी है। परीक्षा के नोडल अधिकारी एडीएम प्रकाश चंद्र ने इसकी सूचना कर्मचारी चयन आयोग के दिल्ली मुख्यालय को भेज दी है।