कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की हर परीक्षा में साल्व कॉपी परीक्षा कक्ष में अभ्यर्थी के पास से मिल रही है। इन अभ्यर्थियों के जरिए पुलिस नकल कराने वाले लोगों तक पहुंच रही है।
इसके बाद भी आयोग के अध्यक्ष एवं निदेशक मान नहीं रहे कि पर्चा आउट हुआ है। परीक्षा से पहले प्रश्नपत्रों की छपाई एवं उनके केन्द्र तक पहुंचने की प्रक्रिया गोपनीय होने के बाद भी हर परीक्षा के प्रश्नपत्र आखिरकार नकलचियों के पास तक कैसे पहुंच रहे हैं।
एसएससी की सभी परीक्षाओं में हरियाणा एवं दिल्ली के आसपास कोचिंग का संचालन करने वाले अपने सूत्रों के जरिए पर्चा आउट करके अपने यहां पढ़ रहे छात्रों को परीक्षा पास करवाने की जुगत करते हैं।
बरेली, मेरठ, देहरादून, हल्द्वानी, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश के कई जिलों में नकल के आरोप में पकड़े गए सभी अभ्यर्थी हरियाणा, दिल्ली सहित उत्तर प्रदेश में मेरठ, बागपत के पाए गए हैं। इन अभ्यर्थियों के पास पहले से हल प्रश्नपत्र मौजूद रहता है। जब परीक्षार्थी नकल के आरोप में आयोग के अध्यक्ष एवं निदेशक को ज्ञापन देते हैं तो उनका एक ही जवाब होता है कि प्रश्नपत्र आउट नहीं हुआ है।