मेरठ जिला कारागार में शनिवार को उत्तर प्रदेश कारागार मंत्रालय के सलाहकार अयूब अंसारी सपा जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह से भिड़ गए। अयूब ने जयवीर पर असभ्य भाषा का प्रयोग न करने का आरोप लगाकर खूब खरी-खोटी सुनाई। पार्टी के दो बड़े नेताओं को सरेआम इस तरह से भिड़ते देखकर सपा नेता और कार्यकर्ता भी सकते में आ गए।
अयूब अंसारी ने पश्चिम की कई जेलों में रोजा इफ्तार का कार्यक्रम रखा था। इसी क्रम में शनिवार को मेरठ जेल में आयोजन था। इस दौरान सपा जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह, एमएलसी डा. सरोजिनी अग्रवाल, चौ. राजपाल सिंह, शहर काजी जैनुस साजिदीन सहित कई नेताओं ने शिरकत की। जेल परिसर में इंतजाम किया गया था।
इसी दौरान जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह ने अयूब अंसारी से किसी संबंध में बातचीत की। अचानक अयूब अंसारी उखड़ गए। उन्होंने सबके सामने जिलाध्यक्ष पर उचित शब्दों का प्रयोग न करने का आरोप लगाया। चिल्लाते हुए अयूब अंसारी ने कहा कि ऐसा व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस पर जयवीर ने अयूब को शांत रहने के लिए कहा, तो वे और भड़क गए। वहां मौजूद अन्य गणमान्यों ने अयूब को समझा-बुझाकर शांत किया। वहीं जेल से बाहर आने पर भी दोनों पक्षों के समर्थक इस घटना पर चर्चा करते दिखे। जयवीर समर्थकों का कहना था कि अयूब अंसारी को सार्वजनिक कार्यक्रम में इस तरह से आपा नहीं खोना चाहिए था। वहीं अयूब समर्थकों का कहना था कि सम्मान से समझौता नाकाबिले बर्दाश्त है।
नियमों को ताक पर रख जेल में मोबाइल ले गए नेता
अयूब अंसारी के मुताबिक, "जयवीर सिंह हमेशा मुझसे सही तरीके से बात नहीं करते हैं। वे जिलाध्यक्ष हैं, तू-तड़ाक से बात करना उन्हें शोभा नहीं देता है। जेल में भी उन्होंने असभ्यता से बात की। जिस कारण मुझे तेज आवाज में बोलना पड़ा।"
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह ने कहा कि मैंने कभी किसी प्रकार का गलत व्यवहार नहीं किया है। कार्र्यक्रम में मैं उनके बुलावे पर ही गया था। ऐसे में असभ्य भाषा का इस्तेमाल करने का सवाल ही नहीं उठता है। पता किस बात से उन्हें किस बात से ठेस पहुंची। अगर उन्हें बुरा लगा तो क्षमा प्रार्थी हूं।
एक हजार बंदी रख रहे रोजे
वरिष्ठ जेल अधीक्षक एसएचएम रिजवी ने बताया कि जेल के करीब एक हजार से ज्यादा बंदी रोजा रख रहे हैं। इफ्तार के दौरान सभी ने मिल-जुलकर रोजा खोला। इफ्तार में सपा नेता दिलशाद मुन्ना, आदिल चौधरी, राजेश सेठी, मौ. चांद, शब्बाल गाजी, नाज मौहम्मद, नासिर खान, सुरेंद्र गेरा आदि मौजूद रहे।
जेल में मोबाइल ले गए नेता
नियम है कि किसी भी परिस्थिति में जेल के अंदर मोबाइल फोन नहीं ले जाया जा सकता है। रोजा इफ्तार के दौरान डा. सरोजिनी अग्रवाल फोन पर बात करते हुए नजर आईं। उनके अलावा भी कई नेताओं के हाथ में फोन देखा गया। जेल प्रशासन ने आला नेताओं की चेकिंग कर बाहर ही उनके मोबाइल जमा नहीं कराए।