बड़े मामलों में कांग्रेस की तरफ से बचाव का झंडा उठाने वाले कपिल सिब्बल की अपनी राह मुश्किल होती दिख रही है। मुस्लिम नेता ने उनके खिलाफ बगावत का बिगुल बजाते हुए बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
जामा मस्जिद युनाइटेड फोरम के अध्यक्ष और शाही इमाम अहमद बुखारी के भाई याह्या बुखारी का कहना है कि मुस्लिम समुदाय के लिए कपिल सिब्बल, भाजपा नेता नरेंद्र मोदी से कहीं ज्यादा खतरनाक है।
बुखारी का कहना है कि आगामी लोकसभा चुनावों में सिब्बल को शिकस्त के दरवाजे तक पहुचांने के लिए वह कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। इसके लिए उन्होंने तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।
वह सिब्बल से कुछ इस कदर चिढ़े बैठे हैं कि अगर कोई दूजा वाजिब उम्मीदवार नहीं मिला, तो NOTA के तहत वोट डालने और डलवाने का दावा कर रहे हैं।
बुखारी ने कहा, "सिब्बल ने नौ साल पहले लोकसभा चुनावों के वक्त पर वादा किया था कि सरकार में जामा मस्जिद की अगुवाई करवाने की कोशिश करवाएंगे और साथ ही इसके आसपास के इलाके का विकास करेंगे। लेकिन उन्होंने अपना वादा तोड़ दिया। चुनाव जीतने के बाद वह इस इलाके को ही भूल गए।"