यह एक साधारण कुत्ता है लेकिन इतना भी साधारण नहीं है। बिना कोई खूबी के इस कुत्ते, जिसका नाम शेरू है--को लोगों की ओर से सालाना 50,000 रुपये मिलता है। साथ ही 11 साल के शेरू को रहने के लिए 50 वर्ग फीट में एक मकान मिला है। शेरू को 26/11 हमले में तीन गोलियां लगी थी। मंगलवार को मुंबई हमले की पांचवीं बरसी है।
शेरू को छत्रपति शिवाजी टर्मिनस में आतंकवादियों ने गोली मारी थी। उसके बाद से शेरू बंबई की जानवरों के खिलाफ क्रूरता की रोकथाम सोशाएटी के साथ रह रहा है।
बीएसपीसीए अस्पताल के मैनेजर डॉ. मयूर डांगर ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि शेरू सीएसटी रेलवे स्टेशन के पार्सल ऑफिस में मिला था। उसे जब अस्पताल लाया गया तो उसे तीन गोलियां लगी थी। हमने ऑपरेशन कर उसके शरीर से दो गोलियां निकाली दी लेकिन एक अब भी उसके शरीश के विंड पाइप में फंसा हुआ है। अगर हमने उसे निकालने की कोशिश की तो उसकी मौत हो जाएगी। जिसके बाद ही हमने इसे नाम दिया शेरू, शेर दिल वाला।
संदीप चव्हाण, जो शेरू के देखरेख करते हैं, ने बताया कि हर रोज शेरू से मिलने के लिए कई लोग आते हैं। वह यहां लिखे बोर्ड को पढ़ते हैं और इसकी कहानियां लोगों को सुनाते हैं। संदीप इस अस्पताल में 14 साल से काम कर रहे हैं।
उस रात शेरू के कंधे पर एक गोली लगी थी जो छह इंच का छेद करते हुए शरीर के आर पार निकल गई थी, इसके कारण शेरू का खूब खून भी बहा था।