आस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड में 14 फरवरी से शुरू होने जा रहे क्रिकेट के महाकुंभ में अमरोहा जिले का लाल भी प्रतिद्वंद्वी टीम के खिलाड़ियों के दांत खट्टे करेगा। मंगलवार को मुंबई में हुई बैठक में चयनकर्ताओं ने 15 खिलाड़ियों की सूची पर अंतिम मुहर लगा दी है। जिसमें जनपद के मोहम्मद शमी का नाम भी शामिल है और उन्हें बतौर बॉलर टीम में शामिल किया गया है। इससे जिले में खुशी की लहर दौड़ गई और लोग टीवी से चिपके रहे।
अभी कुछ दिन पुरानी बात है, जब बीसीसीआई की कांटेक्ट लिस्ट में मोहम्मद शमी को ग्रेड बी में शामिल किया था। जिससे इंडियन क्रिकेट में शमी का रुतबा बढ़ गया था और उसके वर्ल्ड कप टीम में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे थे। परिवार के साथ जिलेवासी भी इसकी दुआ कर रहे थे। जो कुबूल हो गई। मंगलवार को मुंबई में चयनकर्ताओं की बैठक हुई। जिसमें वर्ल्ड कप टीम के 15 खिलाड़ियों की सूची पर अंतिम मुहर लगा दी गई। जिनमें चार फास्ट बॉलरों भुवनेश्वर कुमार, ईशांत शर्मा, उमेश यादव के साथ मोहम्मद शमी का नाम भी शामिल है।
खबर पर जिले में खुशी की लहर दौड़ गई। क्रिकेट प्रेमियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। मोहम्मद शमी के पैतृक गांव डिडौली के सहसपुर अलीनगर में उनके पिता मोहम्मद तौसीफ और भाई हसीब के साथ तमाम लोग खबर सुनने को टीवी पर चिपके रहे।
शमी के परिवार और गांव में खुशी का माहौल
क्रिकेटर मोहम्मद शमी के वर्ल्ड कप टीम में शामिल होते ही परिवार और गांव डिडौली के सहसपुर अलीनगर में खुशी का माहौल बन गया। परिजनों ने खुदा का शुक्रिया अदा किया और एक-दूसरे को मिठाई खिलाई। उधर गांव वालों के चेहरों पर भी शमी के टीम में शामिल होने की अलग खुशी झलक रही थी।
पिता को विश्वास, वर्ल्ड कप जीतकर जरूर लाएगा बेटा
पिता मोहम्मद तौसीफ का कहना था कि उन्हें विश्वास है कि उनका बेटा वर्ल्ड कप जरूर जीतकर लाएगा। उस वक्त गांव में ईद की तरह खुशियों मनाई जाएगी। वह पल परिवार, गांव व जिले के लिए अलग ही होगा।
गांव से शुरू हुआ सफर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचा
मोहम्मद शमी का क्रिकेट का सफर गांव से शुरू हुआ था। जब वह 12 वर्ष का था, तभी से उसका क्रिकेट प्रेम नजर आने लगा था। उम्र के साथ उसका जुनून भी बढ़ता गया। मुरादाबाद के सोनकपुर स्टेडियम में कोच बदरुद्दीन के मार्गदर्शन में खेल की बारीकियां सीखी और पश्चिम बंगाल की रणजी टीम में शामिल होकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। यहां से इंडियन टीम में सलेक्शन हुआ और आज वर्ल्ड कप टीम में शामिल होकर अंतर्राष्ट्रीय फलक पर जिले का नाम रोशन किया।
वर्ल्ड कप में चलेगा स्विंग मास्टर का जलवा
भारतीय स्विंग मास्टर भुवनेश्वर कुमार का वर्ल्ड कप टीम में चयन होने पर मेरठियों में खुशी की लहर दौड़ गई। विक्टोरिया पार्क में खिलाड़ियों ने खुशी मनाई और लड्डू बांटे। भुवी के घर पर भी खुशियां मनाई गई। पड़ोसियों ने परिजनों को बधाई दी।
ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गए भुवनेश्वर कुमार चोट के चलते तीन टेस्ट मैचों नहीं खेल सके थे। चोट से उबरने के बाद मंगलवार से शुरू हुए चौथे टेस्ट में भुवनेश्वर कुमार को टीम में शामिल किया गया। अब वर्ल्ड कप के लिए चयनित टीम इंडिया में भी चुन लिया गया। मेरठी स्पीडस्टर एवं स्विंग मास्टर भुवी के चयन की सूचना मिलते ही उनके होम ग्राउंड विक्टोरिया पार्क में खुशी की लहर दौड़ गई। कोच संजय रस्तोगी ने कहा कि वर्ल्ड कप की संभावित 30 सदस्यीय टीम में शामिल होने पर उन्हें मुख्य टीम में चुने जाने का पूरा भरोसा था। भुवी ने अपने शानदार प्रदर्शन से चयनकर्ताओं और देशवासियों का विश्वास जीता है। उनके टीम में चुने जाने से मेरठ को गर्व है। दूसरी तरफ गंगानगर के जीपी पॉकेट स्थित उनके घर पर भी जश्न मनाया गया। सोसायटी वासियों ने भुवी के घर पहुंचकर उनके माता-पिता और बहन को बधाई दी। भुवी के पिता किरणपाल सिंह ने सभी का मुंह मीठा कराया। किरणपाल सिंह ने बताया कि वर्ल्ड कप में खेलने का हर खिलाड़ी का सपना होता है। भुवी का चयन वर्ल्ड कप में होने पर उन्हें बेहद खुशी है। उन्हें उम्मीद है कि उसका शानदार प्रदर्शन वर्ल्ड कप में भी जारी रहेगा।
वन डे सीरीज में हासिल होगी धार
आस्ट्रेलिया सीरीज में चोट के चलते तीन टेस्ट मैच नहीं खेल सके भुवनेश्वर कुमार वर्ल्ड कप से पहले चौथे टेस्ट और वनडे सीरीज में खेलकर अपनी गेंदबाजी को धार देंगे। अपनी स्विंग गेंदबाजी से दुनिया के अधिकतर सभी बल्लेबाजों को चौंकाने वाले स्पीडस्टर पर भारतीयों की नजर लगी है।
कर्ण शर्मा के टीम में न चुने जाने से सब निराश
भारतीय क्रिकेट टीम में शामिल मेरठ के ही दूसरे खिलाड़ी कर्ण शर्मा का वर्ल्ड कप में नहीं चुना जाना निराश करने वाला रहा। शहरवासियों को उनके चयन का भी पूरा भरोसा था। उनके पिता विनोद शर्मा ने अफसोस जताते हुए कहा कि टेस्ट मैचों में पर्याप्त मौका नहीं मिलने के चलते कर्ण अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सका।
विश्व कप में दिखेगा रैना का जलवा
इस विश्वकप में यूपी के एक और लाल का जलवा देखने को मिलेगा। गाजियाबाद के रैना भी अपने बल्ले से टीम इंडिया को विश्व विजेता बनाने की कोशिश करेंगे। रैना के करियर पर नजर डालें तो उन्होंने 203 एकदिवसीय मैचों में 5051 रन बनाए हैं।
रैना पिछले विश्व कप में भी टीम इंडिया का हिस्सा थे। उनके हालिया शानदार फॉर्म को देखते हुए माना जा रहा है कि वो टीम के मिडिल ऑर्डर को मजबूती प्रदान करेंगे।
रैना हालात के मद्देनजर खेलने में माहिर हैं। चाहे तेजी से रन बनाने की बात हो या फिर टिक कर विकेट बचाने के हालात दोनों ही परिस्थितियों में वो टीम का मुख्य आधार है।
बल्लेबाजी के साथ-साथ उनकी गेंदबाजी भी टीम इंडिया के लिए फायदे का सौदा हो सकती है।