आगरा इनफील्डर्स क्लब से जुड़ीं हैदराबाद की सना इकबाल बुलट गाड़ी से भारत भ्रमण पर निकली हैं। उनका उद्देश्य स्कूली बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें डिप्रेशन से दूर रहने का संदेश देना है। उनका मानना है कि बच्चे जरा सी असफलता पर डिप्रेशन में आकर कई दफा आत्मघाती कदम तक उठा लेते हैं, जबकि सफलता और असफलता तो जीवन के दो पहलू हैं।
शुक्रवार को आगरा पहुंचीं सना का हाइवे स्थित रॉयल इनफील्ड के शोरूम पर क्लब के सदस्यों ने स्वागत किया। सना ने बताया कि उन्होंने 23 नवंबर से गोवा से अपनी इलेक्ट्रा बाइक से देश के भ्रमण की शुरुआत की। इस दौरान वे गोवा, महाराष्ट्र होते हुए ग्वालियर से आगरा आई हैं।
एक युवती के लिए अकेले बाइक पर भारत भ्रमण करने का साहस करने के सवाल पर उनका कहना था कि वे बचपन से ही राइड कर रही हैं। अमूमन एग्जाम में फेल होने या प्रतियोगी परीक्षा में सफलता नहीं मिलने पर बच्चों के आत्मघाती कदम उठाने की घटनाएं उन्हें झकझोर देती हैं। उन्होंने बताया कि मनोविज्ञान से मास्टर डिग्री की पढ़ाई करने के बाद जब उन्होंने भारत भ्रमण के बारे में सोचा तो इसके साथ ही बच्चों में छुपी नकारात्मकता को दूर करने की भी ठानी।
यात्रा में परेशानी के सवाल पर उनका कहना था कि महाराष्ट्र के धुले में उनकी गाड़ी में खराबी आ गई, जब लोगों को पता चला तो उन्होंने बहुत मदद की। लोग मददगार हैं। अभी तक का अनुभव बहुत अच्छा रहा है। सना एक दिन में 800 किलोमीटर का सफर तय कर लेती हैं। उनका कहना है कि यात्रा का उद्देश्य लोगों में खुशियां बांटना है। इसके पूर्व सना ने दयालबाग स्थित बलूनी पब्लिक स्कूल और सिकंदरा स्थित एमपीएस मैनेजमेंट कालेज में छात्र-छात्राओं को डिप्रेशन से बचने के टिप्स दिए। वे जीडी गोयनका और अन्य स्कूलों में भी बच्चों की काउंसलिंग करेंगी। इस मौके पर आगरा इनफील्डर्स के धीरज सोलंकी, हिमांशु उप्रैती मौजूद रहे।
क्लब के सदस्य देते हैं ऊर्जा
सना ने बताया कि भारत भ्रमण के दौरान जिन जिलों में राइडर्स क्लब हैं, उनके सदस्यों से मदद लेती हैं। क्लब के सदस्य किसी भी जगह मदद पहुंचाने को तत्पर रहते हैं। इनफील्डर की हौसला अफजाई से वे आगे बढ़ रही हैं।