समाजवादी पार्टी ने प्रमोशन में आरक्षण के विरोध में हो रही 18 लाख कर्मचारियों की हड़ताल को तुड़वाने से इनकार कर दिया है। सपा नेता नरेश अग्रवाल ने कहा कि अभी हड़ताल पर 18 लाख कर्मचारी हैं तो आगे 18 करोड़ होंगे।
उन्होंने कहा है कि प्रमोशन में आरक्षण लागू हुआ तो 82 फीसदी लोगों को डिपार्टमेंट हेड बनने का मौका नहीं मिलेगा। अग्रवाल ने कहा है कि देश की भावना आरक्षण के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि देश की भावना को तोड़ने के लिए यूपी सरकार पहल नहीं करेगी।
गौरतलब है कि राज्य सभा में प्रमोशन में आरक्षण बिल पेश किए जाने के विरोध में कल प्रदेश के सामान्य व पिछड़े वर्ग के 18 लाख कर्मचारी बेमियादी हड़ताल पर चले गए। नाराज कर्मचारी कोटा बिल के विरोध में आज राज्य के जिला मुख्यालयों पर धरना भी दे रहे हैं।
कल लखनऊ स्थित जीपीओ पार्क में सभा कर रहे आरक्षण विरोधी कर्मचारियों को जैसे ही राज्यसभा में प्रमोशन में आरक्षण पर पेश संविधान संशोधन विधेयक पर बहस शुरू होने की जानकारी मिली उनके साझा संगठन सर्वजन हिताय संरक्षण समिति ने आपात बैठक कर बेमियादी हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया।
समिति के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने कहा कि इस विधेयक को जोर जबरदस्ती से पारित कराने की अलोकतांत्रिक कोशिश की जा रही है। सपा के सदस्यों को सदन से मार्शल के जरिए निकाल दिया गया है। इसे बरदाश्त नहीं किया जा सकता। तत्काल प्रभाव से हड़ताल पर जाने का फैसला किया गया है।
जनता को परेशानी न हो इसका ख्याल रखते हुए बिजली, पानी, चिकित्सा और परिवहन जैसी आवश्यक सेवाओं को हड़ताल से मुक्त रखा गया है। उन्होंने कर्मचारियों से हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान किया।
साथ ही इस लड़ाई को सामान्य व पिछड़े वर्ग के लोगों के अस्तित्व की लड़ाई बताते हुए जनता से भी सहयोग व समर्थन मांगा। उन्होंने यह ऐलान भी किया कि विधेयक वापस होने तक हड़ताल जारी रहेगी।