आरपीएफ के एक जवान की बिजली सी तेजी ने रेल यात्री की जान बचा ली। चंद्रकांत रूपड़े ने ऐन वक्त पर रविंद्र पंडा का हाथ नही थामा होता, तो संभवतः उनका नाम ट्रेन से कटकर मरने वालों की सूची में शामिल हो चुका होता।
दरअसल कांस्टेबल चंद्रकांत रूपड़े आरपीएफ की कारजात यूनिट में तैनात हैं। बुधवार को वे कारजात रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म एक पर पेट्रोलिंग कर रहे थे।
लगभग 2 बजे के आसपास उसी प्लेटफॉर्म पर 16339 डाउन सीएसटी-नागरकॉयल आई। ट्रेन को दो मिनट तक ठहरना था, हालांकि उसे चार मिनट तक रोका गया। ट्रेन के पिछले हिस्से में एक अतिरिक्त इंजन जोड़ा जाना था, ये रोजमर्रा का काम था।
उसी ट्रेन के बी-1 कोच में सवार रविंद्र पांडा प्लेटफॉर्म पर टहलते नजर आए। वे एक फूड स्टॉल पर कुछ सामान खरीद रहें थे। लेकिन उसी समय कुछ ऐसा घटा की वे मौत के मुंह में जाते-जाते बचे। जानिए ऐसा हुआ क्या?
फोटो-चंद्रकांत रूपड़े