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मोदी की योजनाः इस्तेमाल होगा बालाजी का सोना

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विश्व का सबसे धनी मंदिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अतिमहत्वाकांक्षी योजना में निवेश कर सकता है।
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तिरुमाला स्थित श्री वेकंटेश्वर स्वामी मंदिर, जिसे तिरुपति मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, केंद्र सरकार की गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम में अपने गुप्त खजाने का धन लगा सकता है। मंदिर के फैसले से न केवल कई टन सोने का उपयोग हो सकेगा, बल्कि सोने के आयात पर होने वाला खर्च भी कम होगा, जिससे सरकार का अर्थिक बोझ कम होगा।

केंद्र सरकार ने गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम इसी वित्त वर्ष में शुरू की थी, जिसका मकसद घरों, विभिन्न संस्थाओं के पास और मंदिरों में पड़े अनुपयोगी सोने की रिसाइकिल करना था। बदले में सरकार ने सोना जमा करने वालों को ब्याज देने की घोषणा की थी, हालांकि ये योजना फिलहाल सफल होती नहीं दिख रही है।
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नरेंद्र मोदी की योजना को हो रहा नुकसान

अब तक इस योजना के तहत महज एक किग्रा सोना ही जमा हो सका है, जबकि देश में टनों सोना पड़ा हुआ है। तिरुपति मंदिर के पास तकरीबन 5.5 टन सोना मौजूद हैं, और वह इस योजना में शामिल होता है तो सबसे बड़ा हिस्सेदार होगा।

उल्लेखनीय है कि भारत, चीन के बाद दुनिया का सबसे बड़ा सोने का उपभोक्ता है। सोने के आयात के कारण भारत को 2013 में 28 फीसदी का व्यापार घाटा उठाना पड़ा था।

केंद्र सरकार की गोल्‍ड मॉनेटाइजेशन स्कीम के तहत 2.5 फीसदी ब्याज दिया जाता है। तिरुपति बालाजी मंदिर के अधिकारियों ने बताया कि वे गोल्ड मॉनेटाइजेशन योजना में सोना जमा करने के मुद्दे पर 10 से 15 दिन में फैसला ले लेंगे।
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