स्वच्छता अभियान को जन आंदोलन में बदलने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नौ रत्नों में शामिल हो चुके योग गुरु बाबा रामदेव की भूमिका आने वाले दिनों में और बड़ी होने वाली है।
साफ-सफाई के लिए जागरूकता फैलाने के साथ ही वे जल्द ही स्वास्थ्य मंत्रालय के राष्ट्रीय आयुष मिशन में भी योगदान देंगे। इस संदर्भ में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्द्धन रामदेव से संपर्क साध चुके हैं, जिससे कि योग और परंपरागत औषधियों के जरिए रोगों को नियंत्रित किया जा सके।
अगर योग गुरु के सुझावों को अमलीजामा पहनाया गया तो जल्द ही विद्यालयों में योग को अनिवार्य बनाया जा सकता है। योग के जरिए इलाज का प्रचलन भी बढ़ेगा।
देशभर में आयुष पद्धति और दवाइयों को सुलभ बनाने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय को पतंजलि योगपीठ से सर्वाधिक सहयोग मिलने की संभावना है।