अपनी विवादास्पद बयानबाजी को लेकर चर्चाओं में रहने वाले राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से आखिरकार निष्कासित कर दिया गया है।
मंगलवार को भाजपा संसदीय बोर्ड ने एक बड़े फैसले के तहत जेठमलानी को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी पिछले दिनों पूर्व भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी के ऊपर दिए गए बयानों को लेकर चर्चाओं में रहे थे।
गडकरी की कंपनी पूर्ति ग्रुप में वित्तीय अनियमित्ता को लेकर उन्होंने सवाल उठाए थे। इसके अलावा कई मुद्दों पर उन्होंने भाजपा नेतृत्व की आलोचना भी की थी। जेठमलानी ने प्रधानमंत्री पद को लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का खुलकर समर्थन किया था।
पिछले साल नवंबर में राम जेठमलानी को पार्टी से निलंबित कर दिया गया था। जेठमलानी ने सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा की नियुक्ति को सही ठहराया था। इस मुद्दे पर जेठमलानी खुद अपनी पार्टी के लिए परेशानी बन गए थे।