राजस्थान राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष लाड़ कुमारी जैन ने दावा किया है कि राजस्थान से लड़कियों को खाड़ी देशों में ही नहीं, बल्कि यूरोक तक बेचा जाने लगा है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान भी सेक्स ट्यूरिज्म की ओर बढ़ता जा रहा है। यहां भी अन्य राज्यों से लड़कियां लाकर बेचने का सिलसिला चल रहा है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे गैरकानूनी धंधों पर लगाम कसनी है, तो दलालों की धरपकड़ करनी होगी।
लाड़ कुमारी ने शुक्रवार को पत्रकारों से कहा कि सुप्रीम कोर्ट में देह व्यापार में लिप्त महिलाओं के पुनर्वास को लेकर चल रहे मामले के तहत वे राजस्थान के 14 जिले में विभिन्न तरह की जानकारियां जुटा चुकी हैं, जिस पर दिल्ली जाकर चर्चा करेंगी।
उन्होंने कहा कि वे इस संबंध में तथ्यों सहित खुलासा बाद में करेंगी और रिपोर्ट भी तैयार करेंगी। खाड़ी देशों व यूरोप में डांस सिखाने के बहाने लड़कियों को वहां ले जाया जाता है। कई दूसरे दलाल व लोग युवतियों को तीन-तीन महीनों तक के लिए खरीद रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसा एक मामला उनसे सामने आया, जिसमें कोलकाता की लड़की को राजस्थान लाकर चार बार बेचा गया। उन्होंने कहा कि राजस्थान में पुष्कर व जैसलमेर जैसी जगह पर्यटन सीजन के दौरान वैश्यावृत्ति काफी बढ़ जाती है।
इसके अलावा अलवर, भरतपुर व धौलपुर जिलों में अधिक संख्या में सेक्स वर्कर पाए गए हैं। राजस्थान में मार्बल और टेक्सटाइल उद्योग जगत में वैश्यावृत्ति अधिक पाई गई है।
वैश्यावृत्ति को वैध करना गलत
जैन ने कहा कि वैश्यावृत्ति को वैध करने के वे खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय को देखते हुए पीटा एक्ट में कई खामियां हैं, जिन्हें दूर करने की जरूरत है। एक्ट में विसंगतियां हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इसे वैध धंधे का रूप दे दिया जाए।