2014 के चुनावी मिशन पर आगे बढ़ रहे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी अब अपने सबसे कमजोर कड़ियों को कसने की कसरत में जुट गए हैं।
पार्टी हाईकमान की नजर में उत्तराखंड, बिहार, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे सूबे अगले आम चुनाव के लिहाज से सियासी रूप से कमजोर हैं। इन राज्यों में पार्टी में बदलाव नहीं हुए तो कांग्रेस की चुनावी उम्मीदों को पलीता लग सकता है।
शायद इसीलिए राहुल गांधी इन प्रदेश के नेताओं से मिल कर वहां के संगठन में बड़े बदलाव करने की तैयारी में हैं। सोमवार को वह ओडिशा के नेताओं से मिले तो आने वाले दिनों में वह उत्तराखंड कांग्रेस में बदलाव की तैयारी कर रहे हैं।
कांग्रेस हाईकमान की रिपोर्ट है कि इन प्रदेशों में संगठन कमजोर पड़े हैं और उत्तराखंड जैसे राज्यों में, जहां कांग्रेस की सरकार है, सरकार और संगठन में तालमेल नहीं है। इस वजह से पार्टी का सियासी ग्राफ लगातार नीचे गिर रहा है। इसलिए संगठन पर ज्यादा जोर देने के लिए हाईकमान प्रदेश संगठन की कमान वरिष्ठ नेता सतपाल महाराज को सौंपने पर गंभीरता से विचार कर रहा है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी प्रदेश संगठन इकाइयों में बड़े बदलाव करने का मन बना चुके हैं। वह इन पांच राज्यों के संगठन में फेरबदल सबसे पहले कर सकते हैं। इन पांच राज्यों की कुल 196 लोकसभा सीटों पर कांग्रेस का दांव लगा है। पिछली बार उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु में पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया था।
उत्तराखंड को लेकर सबसे ज्यादा शिकायतें कांग्रेस हाईकमान के पास आई हैं। हाईकमान की रिपोर्ट बताती है कि वहां सरकार और संगठन दोनों सुस्त हैं। विधानसभा चुनाव में जैसे तैसे बहुमत हासिल कर सत्ता में आई बहुगुणा सरकार के खिलाफ जहां जनमत बन रहा है, वहीं संगठन बिल्कुल निष्क्रिय हो गया है।
सूत्रों का कहना है कि वहां सबसे पहले प्रदेश अध्यक्ष बदलने की बात है। नए अध्यक्ष की दौड़ में गढ़वाल क्षेत्र से सांसद सतपाल महाराज सबसे आगे हैं। महाराज को प्रदेश संगठन की कमान सौंपने के पीछे यह गणित बताया जा रहा है कि ब्राह्मण मुख्यमंत्री सितार गंज यानी कुमांयू से हैं। इसलिए प्रदेश अध्यक्ष पद गढ़वाल से ठाकुर बिरादरी को दिया जाए।
बिहार में पार्टी को मिली करारी हार के बाद वहां भी संगठन का नेतृत्व बदला जाना है। मध्य प्रदेश और ओडिशा का नेतृत्व भी बदले जाने की संभावना है। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि इन पांच राज्यों में संगठन के कामकाज से हाईकमान काफी नाराज है। इसलिए आने वाले दिनों में इन राज्यों में बदलाव देखे जा सकते है। इस सिलसिले में सोमवार को राहुल गांधी ओडिशा के प्रमुख नेताओं से मिले। इनमें भक्त चरण दास, श्रीकांत जेना और लूलू महापात्र प्रमुख थे।