बकाया गन्ना पेमेंट को लेकर आंदोलित किसान बुधवार को अर्द्धनग्न होकर सड़कों पर उतरे। शहर के कई इलाकों में जुलूस निकाला गया। दोपहर को कलेक्ट्रेट पर पहुंचकर हंगामा किया। गेट खुलवाने को पुलिस वाले से भिड़ गए।
धक्कामुक्की होने लगी थी। बाद में पहुंचे जिलाधिकारी ने पेमेंट न करने वाली मिलों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत किया। वहीं किसानों ने ऐलान कर दिया है कि जब तक आने पाई से हिसाब नहीं होगा उनका धरना चलता रहेगा।
चीनी मिलों पर बकाया पेमेंट को लेकर किसानों ने गन्ना भवन घेर रखा है। पिछले तीन दिनों से आंदोलन चल रहा है। बुधवार की भाकियू से जुड़े किसानों ने अर्द्धनग्न होकर गन्ना भवन से जुलूस निकाला।
किसानों ने जबरन खुलवाना चाहा गेट
इनका यह जुलूस सिविल लाइंस चौराहे से होते हुए पीलीकोठी पर पहुंचा। पीलीकोठी से गंज गुरहट्टी से कोर्ट रोड होते हुए कलेक्ट्रेट पर पहुंचे। किसानों की भीड़ को देख यहां तैनात पुलिस वालों ने गेट बंद कर दिया।
इस पर किसान भड़के और जबरन गेट खुलवाने लगे। काफी देर तक दोनों तरफ से जोर आजमाइश हुई। बाद में अफसरों के हस्तक्षेप पर गेट खुला और किसान कलेक्ट्रेट में पहुंचे। यहां मौजूद एडीएम सिटी किसानों से वार्ता करने के लिए आए।
इस पर जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह रंधावा ने कहा कि जब तक जिलाधिकारी नहीं आएंगे वह यहां से हटेंगे नहीं। बाद में डीएम मौके पर पहुंचे और किसानों से वार्ता की।
'पैसे मिलने के बाद खत्म करेंगे आन्दोलन'
किसानों को बताया गया कि शासन ने चीनी मिलों के लिए जो पैसा जारी किया है वह एक दो दिन में खातों में पहुंच जाएगा। वहीं पेमेंट के लिए चीनी मिलों पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है जल्द ही कोई हल निकल आएगा।
गेहूं मुआवजा के लिए भी शासन स्तर से दस करोड़ की रकम मिल गई है। किसानों को वितरित कराया जाएगा। वहीं किसानों ने साफ कर दिया कि जब तक गन्ने का पूरा पैसा नहीं मिल जाएगा वह आंदोलन खत्म नहीं करेंगे।
इस दौरान डा. नौ सिंह, डा. चरन सिंह, मनोज चौधरी, घनेंद्र शर्मा, राजेंद्र सिंह, वीरपाल सिंह, रनवीर सिंह, वीर सिंह ढाका, नरेश प्रताप सिंह, अयूब अली, सुमित कुमार, अनिल विश्नोई, सूरज सिंह दीवान, बाबू सिंह, विनोद कुमार, ऋषिपाल सिंह, राजवीर सिंह मौजूद रहे।