फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महिला धर्मगुरु की मांग, वेश्यावृत्ति को वैध करो

विज्ञापन
विज्ञापन
दक्षिण भारत की एक जानीमानी महिला धर्मगुरु ने वेश्यावृत्ति को वैध करने की मांग की है। उन्होंने दुष्कर्म की बढ़ रही वारदातों के लिए महिलाओं के कपड़ों को जिम्मेदार ठहराकर एक नए विवाद को हवा भी दी है।
विज्ञापन


कर्नाटक में लिंगायत समुदाय की धर्मगुरु माते महादेवी ने कहा है कि देश भर बढ़ रही दुष्कर्म की वारदातों के लिए महिलाओं के भड़काऊ पहनावे जिम्मेदार हैं। गौरतलब है कि लिंगायत कर्नाटक का सबसे बड़ा जातीय समुदाय है और माते महादेवी समुदाय की एक मात्र महिला 'जगदगुरु' हैं।

महादेवी के बयान पर दक्षिण में बहस छिड़ गई है। कई प्रगतिशील और गैर सरकारी संगठनों ने बयान का विरोध किया है। (फोटो मेल टूडे से ली गई है।)

वेश्यावृत्ति को वैध करने की मांग उठाई

लिंगायत समाज की धर्मगुरु माते महादेवी ने वेश्यावृत्ति को वैध करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वेश्यावृत्ति को वैध करके ही इस समस्या का अंत किया जा सकता है।

महादेवी उत्तरी कर्नाटक स्थित 'बासव धर्मपीठ' की पीठाध्यक्ष हैं। उल्लेखनीय है कि कूडल संगम‌ स्थिति ये पीठ लिंगायत समुदाय में सर्वाधिक श्रद्घेय माना जाता है।

धारवाड़ में एक कार्यक्रम में माते महादेवी ने कहा,' जब तक महिलाएं भड़काऊ कपड़े पहनेंगी दुष्कर्म होंगे। महिलाएं, विशेषकर लड़कियों को ‌पश्चिमी परिधान छोड़कर ऐसी कपड़े पहनने चाहिए, जो उनकी संस्कृति और सभ्यता के मुताबिक हो।'
विज्ञापन

बयान का कई संगठन कर रहे विरोध

वेश्यावृत्ति के मुद्दे पर महादेवी ने कहा, 'मैं पहली व्यक्ति नहीं हूं, जो वेश्यावृत्ति को वैध करने की मांग कर रही हूं। समाज के कई तबकों से ये मांग उठती रही है।'

उन्होंने कहा कि जब तक हम वेश्यावृत्ति को वैध नहीं करेंगे, दुष्कर्म और यौन शोषण को रोका नहीं जा सकता। माते महादेवी ने अपनी मांग पर विचार करने के ‌लिए कर्नाटक सरकार से एक कमेटी का गठन करने को भी कहा।

हालांकि मह‌िला धर्मगुरु के बयान का कई संगठन विरोध भी कर रहे हैं। छात्र संगठनों ने महादेवी के बयान की निंदा की है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें