पाकिस्तान पुलिस के मुताबिक़ ईशनिंदा के मामले में जेल से सज़ा काटकर लौटे एक व्यक्ति को गोली मार दी गई। यह वाक़या पाकिस्तान के तक्षशिला शहर का है।
स्थानीय पुलिस का कहना है ''मक़तूल ग़ुलाम आबिद की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी और ऐसा लगता है कि ईश निंदा के मामले में ही उन पर यह हमला हुआ है।''
पुलिस का कहना है कि आबिद कुछ दिन पहले ही ईश निंदा के मामले में जेल से ज़मानत पर रिहा होकर घर आए थे। आबिद अपने घर से खाने का कुछ सामान लेने के लिए निकले थे, तभी उन पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं गई। इससे उनकी मौक़े पर ही मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार पीड़ित के शरीर पर दस से ज़्यादा गोलियों के निशान थे। अभी तक वारदात में शामिल आरोपियों को गिरफ़्तार नहीं किया जा सका है।
स्थानीय पुलिस के मुताबिक़ आबिद ने पैग़ंबर होने का दावा किया था, जिसके ख़िलाफ़ 2011 में स्थानीय धार्मिक नेताओं और अन्य लोगों ने प्रदर्शन किया था और उन पर दर्ज किया गया था।